वेस्ट प्रोसेसिंग यूनिटों की निगरानी होगी और सख्त

यह विशेष निरीक्षण अभियान तीन जून 2026 से पूरे जिले में शुरू कर दिया गया है

– निरीक्षण के लिए अधिकारियों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण, हर माह दो बार होगी जांच

सुपौल.

जिले में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से वेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट (डब्ल्यूपीयू) के निरीक्षण के लिए बुधवार को जिला स्तर पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया. प्रशिक्षण में सभी प्रखंड समन्वयकों एवं प्रभारी प्रखंड समन्वयकों को डब्ल्यूपीयू निरीक्षण से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये.

प्रशिक्षण के दौरान निरीक्षण कार्य को डिजिटल माध्यम से संचालित करने के लिए एपी कलेक्ट एप में “डब्ल्यूपीयू ऑन इंस्पेक्शन सुपौल ” नामक विशेष प्रोजेक्ट तैयार किया गया. अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्र की प्रत्येक वेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट का नियमित निरीक्षण कर रिपोर्ट एप पर अपलोड करें.

पांच जून की ग्राम सभा में दी जाएगी नियमों की जानकारी

आगामी पांच जून को आयोजित विशेष ग्राम सभा को लेकर भी प्रशिक्षण में विस्तृत जानकारी दी गयी. इस दौरान सभी प्रखंड समन्वयकों एवं प्रभारी प्रखंड समन्वयकों को एसडब्ल्यूएम नियम-2026 के प्रावधानों तथा उसके प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में प्रशिक्षित किया गया. ताकि ग्राम सभा के माध्यम से आम लोगों को भी इन नियमों के प्रति जागरूक किया जा सके.

निर्देशानुसार प्रत्येक वेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट का निरीक्षण प्रखंड समन्वयक द्वारा हर माह कम-से-कम दो बार किया जायेगा. साथ ही प्रत्येक माह की 15 तारीख तक संबंधित इकाई में किये गये कार्यों की कम-से-कम एक बार अनिवार्य जांच होगी. यह विशेष निरीक्षण अभियान तीन जून 2026 से पूरे जिले में शुरू कर दिया गया है. जिला प्रशासन का मानना है कि नियमित निरीक्षण एवं जन-जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से जिले में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सकेगा.

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