-आपात पंचायत में तस्करों पर कार्रवाई को लेकर पुलिस को दिया आवेदन – सामूहिक रूप से पुलिस को दिया आवेदन – चिन्हित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग त्रिवेणीगंज. थाना क्षेत्र में इन दिनों सूखे नशे का कारोबार तेजी से पैर पसारता जा रहा है. राज्य में शराबबंदी लागू होने के बाद नशीले पदार्थों की तस्करी और बिक्री पर पूरी तरह अंकुश नहीं लग पाया है. जिसका सबसे बड़ा खामियाजा समाज के नाबालिग बच्चों और युवाओं को भुगतना पड़ रहा है. स्मैक के बढ़ते प्रचलन के खिलाफ क्षेत्र में जनजागरण की मुहिम तेज हो गई है. नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड 4, 5 और 6 में खुलेआम स्मैक की बिक्री और नाबालिगों व युवाओं में तेजी से बढ़ रहे सूखे नशे स्मैक के सेवन को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश शुक्रवार को फूट पड़ा. स्मैकर्स के बढ़ते आतंक और समाज पर पड़ रहे दुष्प्रभाव से तंग आकर सैकड़ों ग्रामीणों ने वार्ड 4 स्थित खुशीलाल सरदार के दरवाजे पर आपात पंचायत बैठक आयोजित की, जिसमें इस अवैध कारोबार पर रोक लगाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की गई. बैठक में मौजूद जुड़ीलाल यादव, गजेन्द्र यादव, वार्ड पार्षद शिवशंकर साह, मो आलम, खुर्शीद आलम, जब्बार आलम, खुशीलाल सरदार, धनिकलाल यादव, जाकिर हुसैन, रामदेव सरदार, बद्री सरदार, नंदू सरदार, रविन्द्र साह, ललन यादव समेत एक सौ से अधिक ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि क्षेत्र में स्मैक की खुलेआम बिक्री से समाज का माहौल तेजी से बिगड़ रहा है. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वार्ड 6 के करमनियां निवासी बबलू सरदार,उनकी पत्नी कविता देवी, पुत्र नीरज सरदार और सूरज सरदार समेत परिवार के अन्य सदस्य महिलाओं एवं बच्चों मिलकर लंबे समय से स्मैक का अवैध कारोबार चला रहे हैं. इनके कारण नाबालिग, लड़के-लड़कियां और युवा तेजी से नशे की चपेट में आ रहे हैं. विरोध करने पर ये लोग खुलेआम धमकी देते हैं. ग्रामीणों का कहना है कि दिन-रात संदिग्ध लोगों का आना-जाना मुहल्ले में लगा रहता है. मोटरसाइकिल और चारपहिया वाहनों से पहुंचने वाले लोग नशा लेकर वापस लौटते है. जिससे इलाके में असुरक्षा का माहौल बना हुआ है. ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से इस पूरे मामले की लिखित शिकायत थानाध्यक्ष को सौंपते हुए मांग कि है कि आरोपितों की संपत्ति की जांच कर अवैध कमाई का पता लगाया जाए. उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.
स्मैक के बढ़ते कारोबार पर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
चिन्हित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
