Supaul News: सुपौल जिले के वीरपुर की बेटी सौम्या ने तीरंदाजी में शानदार प्रदर्शन कर पूरे जिले का नाम रोशन कर दिया है. झारखंड की राजधानी रांची में आयोजित सीबीएसई ईस्ट जोन तीरंदाजी प्रतियोगिता 2026-27 में सौम्या ने 45 प्रतिभागियों के बीच हुए मुकाबले में प्रथम स्थान प्राप्त कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया. इस उपलब्धि के साथ उनका चयन आगामी 23 अक्टूबर 2026 को हरियाणा के पानीपत में आयोजित होने वाली सीबीएसई राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता के लिए भी हो गया है.
यह सफलता केवल एक पदक की कहानी नहीं है, बल्कि उस मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास का परिणाम है, जिसने वीरपुर की एक साधारण छात्रा को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा दिया. सौम्या की उपलब्धि के बाद पूरे सुपौल जिले में खुशी का माहौल है और स्थानीय लोग इसे क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण बता रहे हैं.
रांची में 45 प्रतिभागियों के बीच शानदार प्रदर्शन
सीबीएसई ईस्ट जोन तीरंदाजी प्रतियोगिता 27 से 30 जुलाई 2026 तक रांची में आयोजित की गई. प्रतियोगिता में विभिन्न स्कूलों और राज्यों के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया.
कड़े मुकाबले के बीच सौम्या ने शांत मन, सटीक निशाने और लगातार बेहतर प्रदर्शन के दम पर प्रथम स्थान हासिल किया. निर्णायक दौर में उनके प्रदर्शन ने सभी का ध्यान आकर्षित किया और उन्हें स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया.
राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए हुआ चयन
रांची में शानदार प्रदर्शन के आधार पर सौम्या का चयन अब सीबीएसई राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता के लिए किया गया है.
यह प्रतियोगिता 23 अक्टूबर 2026 को हरियाणा के पानीपत में आयोजित होगी, जहां देशभर के चयनित प्रतिभागी हिस्सा लेंगे. अब वीरपुर और सुपौल के लोगों की उम्मीदें सौम्या के साथ राष्ट्रीय मंच पर भी जुड़ गई हैं.
परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं
सौम्या की माता शुभा कुमारी गृहिणी हैं, जबकि उनके पिता पवन कुमार जल संसाधन विभाग के निर्मली डिवीजन में अवर प्रमंडल पदाधिकारी के पद पर कार्यरत हैं.
परिवार का कहना है कि सौम्या ने इस उपलब्धि के लिए लगातार मेहनत की और नियमित अभ्यास को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाया. उनकी सफलता से घर में उत्सव जैसा माहौल है.
वीरपुर और सुपौल के लिए गर्व का क्षण
सौम्या की जीत की खबर फैलते ही वीरपुर नगर सहित पूरे सुपौल जिले में उनकी उपलब्धि की चर्चा शुरू हो गई.
स्थानीय लोगों, शिक्षकों और खेल प्रेमियों ने सौम्या तथा उनके माता-पिता को बधाई दी और राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएं दीं. लोगों का कहना है कि यह उपलब्धि क्षेत्र की बेटियों के लिए विशेष प्रेरणा है.
Supaul News: तीरंदाजी में नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा
खेल विशेषज्ञों और स्थानीय खेल प्रेमियों का मानना है कि तीरंदाजी जैसे खेल में जिले की यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणादायी साबित होगी.
ऐसी सफलताएं छोटे शहरों और कस्बों के बच्चों में यह विश्वास जगाती हैं कि सीमित संसाधनों के बावजूद राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा जा सकता है. सौम्या की उपलब्धि से क्षेत्र के अन्य छात्र-छात्राओं में भी खेलों के प्रति उत्साह बढ़ने की उम्मीद है.
अब सभी की निगाहें पानीपत में होने वाली सीबीएसई राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता पर हैं, जहां वीरपुर की बेटी एक बार फिर बिहार और सुपौल का नाम रोशन करने के इरादे से मैदान में उतरेंगी.
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