बलुआ में वैश्य अधिकार रैली नौ को , तैयारी में जुटे समाज के लोग

बैठक में वैश्य समाज के दर्जनों लोग शामिल हुए

बलुआ बाजार. थाना क्षेत्र के बलुआ बाजार निवासी दीपू दत्ता के आवास पर रविवार को वैश्य समाज की बैठक राजकुमार साह की अध्यक्षता में हुई. बैठक में वैश्य समाज के दर्जनों लोग शामिल हुए. इस दौरान आगामी नौ मार्च को बलुआ बाजार स्थित वार्ड नंबर 07 के क्रिकेट मैदान में प्रस्तावित वैश्य अधिकार रैली को सफल बनाने व कार्यक्रम की रूप रेखा पर विचार विमर्श किया गया. बैठक को संबोधित करते राष्ट्रीय वैश्य महासभा के प्रदेश प्रधान महासचिव दीपक साह ने बताया कि आगामी नौ मार्च को वैश्य अधिकार रैली को सफल बनाने के लिए यह बैठक आयोजित की गयी है. कहा कि विगत कई दशकों से वैश्य समाज को किसी भी पार्टी द्वारा विधानसभा चुनाव में भागीदारी नहीं दी जा रही है, जिससे वैश्य समाज नाराज है. कहा कि वैश्य समाज इस बार मन बना लिया है कि आगामी विस चुनाव 2025 में अगर किसी पार्टी द्वारा टिकट नहीं दिया जाता है तो वैश्य समाज अपने बलबूते पर निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराएगी. उन्होंने कहा कि छातापुर विधानसभा क्षेत्र में वैश्य समाज की संख्या सबसे अधिक है. इसके बावजूद किसी भी राजनीतिक दल ने अब तक यहां से वैश्य समाज के लोगों को टिकट नहीं दिया. ऐसे में सबसे बड़ी आबादी होने के बावजूद वैश्य समाज को राजनीति में उचित भागीदारी नहीं मिल पाई है. कहा कि लगातार उपेक्षा के कारण अब वैश्य समाज बंधुआ मजदूर की तरह वोट नहीं करने जा रही है. उन्होंने 09 मार्च को आयोजित होने वाली रैली में अधिक से अधिक संख्या में लोगों की भागीदारी की अपील की. बैठक में मुख्य संरक्षक सुरेश पोद्दार, प्रधान महासचिव दीपू दत्ता, उपाध्यक्ष रंजीत ठाकुर, युवा अध्यक्ष सावन साह, प्रकाश दास, रमेश पोद्दार, मुकेश ठाकुर, अजीत साह, श्याम दास, संतोष साह, जीवन गुप्ता, राजीव पोद्दार, पिंटू साह, रौशन साह, बंटी साह, सौरव कुमार, अजय साह, लक्ष्मण साह आदि मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >