Supaul News: सुपौल जिले के त्रिवेणीगंज स्थित एसएफसी गोदाम में सरकारी खाद्यान्न के उठाव और कथित अनियमितता को लेकर प्रशासन की सक्रियता बढ़ गई है. लगातार दूसरे दिन अधिकारियों ने गोदाम का निरीक्षण किया, जिससे पूरे मामले की गंभीरता साफ नजर आ रही है. जांच के दौरान प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी (एमओ) ने पाया कि सहायक गोदाम प्रबंधक (एजीएम) की गैरमौजूदगी में ही खाद्यान्न का उठाव किया जा रहा था. वहीं, एक बोरी चावल लेकर भागने की सूचना ने मामले को और संदेहास्पद बना दिया है. हालांकि अब तक प्रशासन ने कालाबाजारी के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है.
क्या सरकारी राशन वितरण व्यवस्था में कहीं बड़ी गड़बड़ी हो रही है. क्या एजीएम की गैरमौजूदगी में अनाज का उठाव नियमों के अनुरूप था. लगातार दो दिनों तक अधिकारियों के निरीक्षण के बाद अब पूरे मामले की जांच रिपोर्ट पर सबकी नजरें टिक गई हैं.
लगातार दूसरे दिन प्रशासन का निरीक्षण, बढ़ी हलचल
त्रिवेणीगंज अनुमंडल परिसर स्थित एसएफसी गोदाम में कथित अनियमितता और सरकारी खाद्यान्न की कालाबाजारी की शिकायतों के बाद प्रशासन लगातार सक्रिय है.
शनिवार को प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी नेहा कुमारी ने गोदाम पहुंचकर जांच की और वहां मौजूद कर्मियों से पूछताछ की. इससे पहले शुक्रवार को जिला गोदाम प्रबंधक और जिला आपूर्ति पदाधिकारी भी गोदाम का निरीक्षण कर चुके थे.
लगातार दो दिनों तक हुई जांच से संकेत मिल रहे हैं कि प्रशासन मामले को गंभीरता से लेकर हर पहलू की पड़ताल कर रहा है.
एजीएम की गैरमौजूदगी में हो रहा था खाद्यान्न का उठाव
जांच के दौरान प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी नेहा कुमारी ने बताया कि निरीक्षण के समय सहायक गोदाम प्रबंधक (एजीएम) गोदाम में मौजूद नहीं थे.
इसके बावजूद खाद्यान्न का उठाव जारी था. उन्होंने बताया कि डोर-स्टेप डिलीवरी के ठेकेदार ने सूचना दी कि एक समेकर चावल की एक बोरी लेकर भाग रहा था. पीछा किए जाने पर वह बोरी छोड़कर मौके से फरार हो गया.
इस घटना के बाद गोदाम की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं.
जर्जर कमरे में अनाज रखने की चर्चा, लेकिन पुष्टि नहीं
स्थानीय सूत्रों के अनुसार मुख्य एसएफसी गोदाम के पास स्थित एक जर्जर कमरे में लंबे समय से सरकारी खाद्यान्न रखे जाने की चर्चा है.
कुछ लोगों का आरोप है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के लिए आए खाद्यान्न को वितरण से पहले अलग कर निजी स्तर पर बेचने की तैयारी की जाती है.
हालांकि प्रशासन ने इन आरोपों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और जांच जारी है.
गोदाम संचालन व्यवस्था पर भी उठे सवाल
जानकारी के अनुसार त्रिवेणीगंज एसएफसी गोदाम के एजीएम सुपौल में रहते हैं. उनके पास पिपरा गोदाम और खाद्यान्न उठाव का भी अतिरिक्त प्रभार है.
ऐसे में स्थानीय स्तर पर गोदाम की व्यवस्था एक निजी व्यक्ति के भरोसे संचालित होने की चर्चा है. इसी कारण खाद्यान्न के रखरखाव, सुरक्षा और वितरण प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं.
इन दावों की भी जांच के दौरान पड़ताल की जा रही है.
एसडीओ बोले, एजीएम से ली जाएगी पूरी जानकारी
मामले पर अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) अभिषेक कुमार ने कहा कि एजीएम को बुलाया जा रहा है.
उन्होंने बताया कि उनके आने के बाद पूरे मामले की विस्तृत जानकारी ली जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.
Supaul News: जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं सबकी निगाहें
फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा है.
यदि जांच में सरकारी खाद्यान्न के उठाव में अनियमितता, लापरवाही या कालाबाजारी की पुष्टि होती है, तो संबंधित अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है.
वहीं यदि आरोप सही नहीं पाए जाते हैं, तो जांच रिपोर्ट से स्थिति स्पष्ट हो जाएगी.
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