जिसका जन्म हुआ है उसकी मृत्यु होना है सत्य : औंकारानंद

परमात्मा मनुष्य के हृदय में ही विराजमान रहते हैं

छातापुर. परमात्मा द्वारा रचित कालचक्र के कारण अहमदाबाद विमान हादसा घटित होना ही था चाहे जिस भी कारण से हो, लेकिन हम और आप इस हादसा पर दुख जताते हैं और सोचते हैं कि यह घटना नहीं होनी चाहिए थी. हादसा में एक यात्री विमान से सुरक्षित बाहर निकल गया. क्योंकि उसकी आयु शेष रहने के कारण यह परमात्मा की मर्जी थी. इसलिए कहते हैं जाको राखे साइयां मार सके ना कोई. उक्त बातें मुख्यालय स्थित लोहियानगर में रमण कुमार के आवास पर आयोजित संतमत के एक दिवसीय सत्संग सह प्रवचन कार्यक्रम में संतमत साधना कुटीर मानगंज पूर्व ज्ञान वाटिका उत्तर के मुख्य महात्मा स्वामी औंकारानंद जी ने कही. उन्होंने कहा कि जिसका जन्म हुआ है उसकी मृत्यु होना सत्य है. लेकिन मृत्यु की सच्चाई मनुष्य को स्वीकार्य नहीं है. मनुष्य यदि मृत्यु के सत्य को स्वीकार कर लेता है तो उसका मोह माया भोग विलास सब खत्म हो जाता है. कहा कि सांसारिक व भौतिक सुख के लिए लोग इधर उधर भटकते हैं. परमात्मा मनुष्य के हृदय में ही विराजमान रहते हैं. परंतु परमात्मा को खोजने के लिए संसार में जहां तहां चक्कर लगाते हैं. यह सब ज्ञान और मानव जीवन का उद्देश्य गुरु महाराज की सानिध्य में आकर ही मिल सकता है. कार्यक्रम के दौरान एक से बढ़कर एक भजन की प्रस्तुति से श्रोता मंत्रमुग्ध हो रहे थे. मौके पर गोपालजी भगत, संजय भगत, एक्स आर्मी ओमप्रकाश भगत, उपेंद्र सिंह, रमन भगत, राजू भगत आदि थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By RAJEEV KUMAR JHA

RAJEEV KUMAR JHA is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >