या देवी सर्वभूतेषु... मंत्रोच्चारण से गुंजयमान हो उठा पंडाल, पहले दिन मां शैलपुत्री की हुई पूजा

पंडित नूतन झा ने बताया कि नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा विधि विधान की साथ की गयी

सुपौल. या देवी सर्वभूतेषु… मंत्रोच्चारण से पूरा पंडाल भक्तिमय हो उठा. गुरुवार को कलश स्थापना के साथ शुरू हुए चैती नवरात्रा को लेकर पूरा माहौल भक्तिमय हो गया है. नवरात्रा के प्रथम दिन कलश की स्थापना के साथ ही पूजा प्रारंभ हो गया. पूजा के पहले दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप शैलपुत्री की पूजा आराधना की गयी. जिला मुख्यालय स्थित चकला निमर्ली वार्ड नंबर 07 स्थित चैती दुर्गा मंदिर में सुबह से ही माता के भक्तों की भीड़ लगी रही. मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ कलश स्थापना की गयी. इसके साथ ही नौ दिनों तक होने वाली मां दुर्गा की पूजा-अर्चना शुरू हो गई. मंदिर में विधि पूर्वक आचार्य नूतन झा ने वेद मंत्रों के साथ कलश स्थापना एवं नवाह दुर्गा सप्तशती के पाठ का संकल्प लिया. जहां मुख्य यजमान सोनू सिंह थे. पूजा प्रारंभ होते ही माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया. मंदिर में श्रद्धालुओं की भी भीड़ जुटने लगी. पंडित नूतन झा ने बताया कि नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा विधि विधान की साथ की गयी. सुख-समृद्धि की प्रतीक हैं मां शैलपुत्री पंडित नूतन झा ने बताया कि मां शैलपुत्री की पूजा से सुख, समृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति होती है. उन्होंने कहा कि चैत्र नवरात्रि से ही हिंदू नववर्ष का शुभारंभ होता है, इसलिए इसका विशेष महत्व है. मौके पर पूजा समिति के सभी सदस्य मौजूद थे.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By RAJEEV KUMAR JHA

RAJEEV KUMAR JHA is a contributor at Prabhat Khabar.

Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >