हर दंपती को छोटे परिवार की दिशा में बढ़ना चाहिए आगे

सदर अस्पताल में परिवार नियोजन पुरुष नसबंदी पखवाड़ा मेला का हुआ शुभारंभ

– सदर अस्पताल में परिवार नियोजन पुरुष नसबंदी पखवाड़ा मेला का हुआ शुभारंभ – 21 नवंबर से 12 दिसंबर तक पुरुष नसबंदी व 28 नवंबर से 12 दिसंबर तक चलेगा परिवार नियोजन पखवाड़ा सुपौल. मिशन परिवार विकास अभियान के तहत शनिवार को सदर अस्पताल में परिवार नियोजन पुरुष नसबंदी पखवाड़ा मेला का शुभारंभ सिविल सर्जन डॉ ललन कुमार ठाकुर ने दीप प्रज्वलित कर किया. इस अवसर पर अस्पताल परिसर में विशेष स्टॉल लगाए गए, जहां परिवार नियोजन के अस्थायी एवं स्थायी उपायों के बारे में आमलोगों को जानकारी एवं परामर्श दिया जा रहा था. अभियान का मुख्य उद्देश्य जिले में कुल प्रजनन दर में कमी लाना व योग्य दंपतियों को छोटे परिवार के महत्व से अवगत कराना था. परिवार नियोजन पुरुष नसबंदी पखवाड़ा 21 नवंबर से 12 दिसंबर तक तथा परिवार नियोजन सेवा पखवाड़ा 28 नवंबर से 12 दिसंबर तक संचालित किया जा रहा है. इन अभियानों के सफल क्रियान्वयन के लिए विभिन्न माध्यमों से जन-जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें प्रचार-प्रसार, पोस्टर, जनसंवाद एवं स्वास्थ्यकर्मियों के माध्यम से गांव-गांव संपर्क शामिल है. सिविल सर्जन डॉ ललन कुमार ठाकुर ने सबंधित कर्मियों से कहा कि निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति सुनिश्चित करें तथा परिवार नियोजन के सभी विकल्प अस्थायी और स्थायी विशेष रूप से नवदंपतियों तक अवश्य पहुंचाए जाएं, ताकि समय से गर्भधारण में देरी एवं बच्चों में उचित अंतराल बनाए रखने में सहायता मिल सके. कहा कि प्रत्येक दंपति को छोटे परिवार की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए, जिससे वे बच्चों की परवरिश, शिक्षा एवं स्वास्थ्य का बेहतर प्रबंधन कर सकें. जिला कार्यक्रम प्रबंधक बालकृष्ण चौधरी ने बताया कि जागरूकता के अभाव में कई योग्य दंपति परिवार नियोजन के प्रभावी उपाय अपनाने से वंचित रह जाते हैं. इसलिए इस विशेष पखवाड़े के दौरान परिवार नियोजन के विविध विकल्पों महिला बंध्याकरण, पुरुष नसबंदी, पीपीआईयूसीडी, कंडोम, इमरजेंसी पिल, अंतरा इंजेक्शन और छाया गोलियों के बारे में लोगों को जानकारी दी जा रही है. कहा कि ये उपाय परिवार को सुरक्षित रखने और जनसंख्या नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. पखवाड़े की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि पुरुष नसबंदी को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा लाभार्थी को 3000 रुपये तथा उत्प्रेरक को 400 रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है. कहा कि पुरुष नसबंदी एक सुरक्षित, सरल और प्रभावी प्रक्रिया है जिसमें किसी भी प्रकार का जोखिम नहीं के बराबर होती है. मौके पर प्रभारी उपाधीक्षक डॉ विनय कुमार, अस्पताल प्रबंधक अभिनव आनंद, पीरामल प्रतिनिधि, परिवार कल्याण परामर्शी उजाला सिन्हा, ग्रेड ए नर्स, चंदन कुमार, राजेश कुमार, मुनेश्वर झा सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौजूद थे.

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