मरीज का बिना सैंपल लिए ही जांच रिपोर्ट तैयार, परिजनों ने एसडीएम से की शिकायत

सीएस डॉ ललन कुमार ठाकुर ने कहा कि मामला मेरे संज्ञान में आया है

– मामला त्रिवेणीगंज अनुमंडलीय अस्पताल का – बुधवार को बुखार से पीड़ित मरीज इलाज के लिए गया था अनुमंडलीय अस्पताल – लैब कर्मचारी ने समय की कमी का हवाला देकर किसी तरह की जांच करने से कर दिया मना – शुक्रवार को मरीज के पुत्र के मोबाइल पर लैब परीक्षण पूरा होने का आया मैसेज त्रिवेणीगंज. अनुमंडलीय अस्पताल से लचर व्यवस्था का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां एक मरीज का बिना सैंपल लिए ही उसकी जांच रिपोर्ट तैयार कर दी गई. परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर आरोप लगाते हुए मामले की शिकायत एसडीएम सह रोगी कल्याण समिति के अध्यक्ष अभिषेक कुमार और सिविल सर्जन से की है. बताया जाता है कि नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड 6 निवासी बाल्मीकि प्रसाद दास पिछले एक सप्ताह से लगातार बुखार से पीड़ित थे. बुधवार को परिजन उन्हें इलाज के लिए अनुमंडलीय अस्पताल लेकर पहुंचे. ओपीडी में मौजूद डॉक्टर ने मरीज का सीबीसी, हिमोग्लोबिन, ब्लड शुगर, यूरिन आरई, ऑस्ट्रेलिया एंटीजन, ब्लड ग्रुप, ट्रूनेट, विडाल और डेंगू जांच कराने का निर्देश दिया. इसके बाद परिजन सरकारी लैब कमरा संख्या 6 पहुंचे, लेकिन लैब कर्मी ने समय की कमी का हवाला देते हुए जांच करने से मना कर दिया. उसने कहा कि डेढ़ बज गया है और दो बजे तक ही काम होता है, इसलिए अब जांच संभव नहीं है. इसके बाद परिजन बिना जांच कराए मरीज को लेकर बैरंग घर लौट गए, लेकिन हैरानी की बात यह रही कि दो दिन बाद शुक्रवार को दोपहर करीब साढ़े बारह बजे मरीज के पुत्र के मोबाइल पर बीआर जीओवीटी से एक मैसेज आया, जिसमें कहा गया कि प्रिय बाल्मीकि प्रसाद दास आपका लैब परीक्षण पूरा हो गया है. आपकी रिपोर्ट 31 अक्टूबर को जनरेट की जाएगी. इसके बाद जब शुक्रवार को परिजन अस्पताल पहुंचे तो बिना किसी सैंपल लिए ही उन्हें जांच रिपोर्ट सौंप दी गई. रिपोर्ट देखकर परिजन दंग रह गए. मरीज के पुत्र ने कहा जब मेरे पिता से ब्लड या किसी प्रकार का सैंपल लिया ही नहीं गया तो रिपोर्ट बनी कैसे. परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल में जांच और दवा वितरण के नाम पर घोटाला किया गया है. मरीजों को बिना जांच किए फर्जी रिपोर्ट दी जा रही है और दवा केवल कागज पर लिखकर थमा दी जाती है. उन्होंने कहा कि यह मामला केवल एक मरीज का नहीं बल्कि अस्पताल की घोर लापरवाही और भ्रष्टाचार का उदाहरण है. परिजनों ने एसडीएम अभिषेक कुमार से मामले की जांच कर दोषी कर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है. उधर, सीएस डॉ ललन कुमार ठाकुर ने कहा कि मामला मेरे संज्ञान में आया है. हम खुद इस मामले की जांच के लिए शनिवार को अनुमंडलीय अस्पताल पहुंच रहे हैं.

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