कटैया-निर्मली
पिपरा प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय सुखासनी में पदस्थापित शिक्षिका सीमा यादव को फर्जी प्रमाणपत्र के आधार पर नियुक्ति और कर्तव्य में लापरवाही के आरोप में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, सुपौल ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. निलंबन अवधि में उनका वेतन भी स्थगित कर दिया गया है. यह कार्रवाई जिला अपीलीय प्राधिकार, सुपौल के समन संख्या 77 दिनांक 12 अप्रैल 2025 एवं अपील संख्या 09/25 के आलोक में की गई है. प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, पिपरा कार्यालय के पत्रांक 684(नि) दिनांक 13 मार्च 2026 के माध्यम से सीमा यादव से साक्ष्य प्रस्तुत करने को कहा था. लेकिन अब तक दस्तावेज जमा नहीं किए गए. विभाग ने सीमा यादव पर अनुशासनहीनता, कर्तव्य में घोर लापरवाही, उच्चाधिकारी के आदेश की अवहेलना और फर्जी प्रमाणपत्र के आधार पर नौकरी कर सरकारी वेतन का गबन करने का आरोप लगाते हुए प्रखंड शिक्षक नियोजन नियमावली 2012 के तहत अनुशासनिक कार्रवाई शुरू करने का आदेश जारी किया है.सूत्रों के अनुसार निलंबन आदेश के बावजूद सीमा यादव अभी भी नियमित रूप से विद्यालय जा रही है. शिक्षण कार्य कर रही हैं. जबकि वर्तमान में ऑनलाइन हाजिरी बनाना अनिवार्य है. विद्यालय के प्रधानाध्यापक अमरकांत चौधरी ने भी इसकी पुष्टि की है कि शिक्षिका लगातार स्कूल आ रही हैं. इस संबंध में प्रखंड विकास पदाधिकारी, पिपरा अमरेंद्र पंडित ने बताया कि जिला कार्यक्रम पदाधिकारी से प्राप्त निलंबन आदेश पत्र के आधार पर शिक्षिका सीमा यादव को पत्र भेजा गया है. उन्हें एक सप्ताह के भीतर सभी साक्ष्यों सहित लिखित स्पष्टीकरण देना होगा. सभी आवश्यक कागजात और प्रतिवेदन के अवलोकन के बाद नियोजन इकाई द्वारा अंतिम कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा.
