सुपौल : परसागढ़ी दक्षिण पंचायत स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय, फसियाकोठी में कार्यरत शिक्षिका संगीता कुमारी का पटना के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया. वह लंबे समय से गंभीर बीमारी से जूझ रही थीं. उनके असामयिक निधन की खबर मिलते ही विद्यालय परिवार, विद्यार्थियों, अभिभावकों और पूरे शिक्षा जगत में शोक की लहर दौड़ गई. क्षेत्र के लोगों ने उनके निधन को शिक्षा जगत की अपूरणीय क्षति बताया है.
लंबे समय से चल रहा था इलाज
परिजनों के अनुसार, संगीता कुमारी की तबीयत काफी समय से खराब थी. स्थानीय स्तर पर उपचार के बाद चिकित्सकों की सलाह पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना ले जाया गया था. वहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में उनका उपचार चल रहा था. इलाज के दौरान उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और तमाम प्रयासों के बावजूद चिकित्सक उन्हें बचा नहीं सके.
कर्तव्यनिष्ठ और मिलनसार थीं शिक्षिका
संगीता कुमारी अपने शांत, सौम्य और मिलनसार स्वभाव के साथ-साथ कर्तव्यनिष्ठ कार्यशैली के लिए जानी जाती थीं. विद्यालय में वे बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के साथ अनुशासन, संस्कार और नैतिक मूल्यों का भी पाठ पढ़ाती थीं. उनके निधन की सूचना मिलते ही विद्यालय में शोक का माहौल छा गया.
शिक्षकों और जनप्रतिनिधियों ने जताया शोक
शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न संगठनों ने गहरा शोक व्यक्त किया. सभी ने उन्हें समर्पित, ईमानदार और कर्मठ शिक्षिका बताते हुए कहा कि उनकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी.
नम आंखों से दी अंतिम विदाई
बुधवार की रात पूरे विधि-विधान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया. उनके पुत्र मयंक कुमार उर्फ गोलू ने मुखाग्नि दी. अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में शिक्षक, ग्रामीण, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, शुभचिंतक और परिजन शामिल हुए. सभी ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई देते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की.
