Supaul News: सुपौल जिले के सदर प्रखंड स्थित तजेन्द्र उच्च विद्यालय, बरुआरी में शिक्षक प्रशिक्षुओं के लिए आधुनिक तकनीक आधारित विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया. आईसीटी (ICT), कंप्यूटर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) विषय पर केंद्रित इस प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों को डिजिटल शिक्षा की नई तकनीकों से जोड़ना और विद्यालयों में स्मार्ट एवं प्रभावी शिक्षण व्यवस्था को बढ़ावा देना था.
कार्यक्रम में शिक्षक प्रशिक्षुओं को सिर्फ तकनीकी जानकारी ही नहीं दी गई, बल्कि उन्हें विभिन्न डिजिटल टूल्स का व्यावहारिक अभ्यास भी कराया गया, ताकि वे भविष्य में कक्षा शिक्षण को अधिक रोचक, प्रभावी और छात्र-केंद्रित बना सकें.
कंप्यूटर और डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग की दी गई जानकारी
प्रशिक्षण का संचालन पीएम श्री उच्च विद्यालय, किशनपुर के कंप्यूटर विज्ञान शिक्षक रोहित कुमार कुश और तजेन्द्र उच्च विद्यालय, बरुआरी के कंप्यूटर विज्ञान शिक्षक सुजीत पाठक ने किया.
दोनों प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को कंप्यूटर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर की मूलभूत जानकारी देने के साथ शिक्षा के क्षेत्र में मोबाइल, इंटरनेट और विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म के प्रभावी उपयोग के बारे में विस्तार से बताया.
Supaul News: स्मार्ट क्लास से लेकर AI टूल्स तक का कराया अभ्यास
प्रशिक्षण के दौरान शिक्षक प्रशिक्षुओं को स्मार्ट क्लास संचालित करने, आकर्षक प्रेजेंटेशन तैयार करने, नया ई-मेल बनाने, ऑनलाइन बैठक आयोजित करने, फाइल और स्क्रीन शेयर करने, कैमरा एवं माइक्रोफोन का प्रभावी उपयोग करने जैसी महत्वपूर्ण तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया.
इसके साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित शैक्षणिक टूल्स के उपयोग की भी विस्तृत जानकारी दी गई. प्रशिक्षुओं ने इन सभी डिजिटल माध्यमों का स्वयं अभ्यास कर तकनीक आधारित शिक्षण की बारीकियों को समझा.
तकनीक आधारित शिक्षा समय की जरूरत
कार्यक्रम में डायट सुपौल के व्याख्याता डॉ. सुमित कुमार ने शिक्षक प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए कहा कि बदलते समय में तकनीक आधारित शिक्षा की भूमिका लगातार बढ़ रही है. ऐसे में शिक्षकों को डिजिटल संसाधनों का बेहतर उपयोग करना सीखना होगा.
उन्होंने प्रशिक्षु शिक्षकों से विद्यालयों में नवाचार अपनाने, आधुनिक तकनीक का उपयोग बढ़ाने और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण, रुचिकर एवं आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराने का आह्वान किया.
डिजिटल शिक्षा को और प्रभावी बनाने पर जोर
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने तकनीकी विषयों में गहरी रुचि दिखाई और इसे अपने भावी शिक्षण कार्य के लिए उपयोगी बताया. कार्यक्रम के अंत में प्रशिक्षकों ने शिक्षक प्रशिक्षुओं की जिज्ञासाओं का समाधान किया और तकनीक के माध्यम से शिक्षा को अधिक प्रभावी, सरल और छात्र-केंद्रित बनाने पर जोर दिया.
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम भविष्य में स्कूलों में डिजिटल शिक्षण संस्कृति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे.
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