Supaul Sadar Hospital: सदर अस्पताल सुपौल में 45 वर्षीय महिला के 550 ग्राम वजन के ओवेरियन सिस्ट का सफल ऑपरेशन किया गया. अस्पताल में उपलब्ध संसाधनों और विशेषज्ञ चिकित्सकीय टीम के समन्वित प्रयास से यह सर्जरी सफलतापूर्वक संपन्न हुई. ऑपरेशन डॉ राजेश पासवान ने ओटी टीम के सहयोग से किया.
सदर अस्पताल में स्थानीय स्तर पर इस तरह की जटिल सर्जरी होने से जिले के मरीजों के लिए राहत की उम्मीद बढ़ी है. अस्पताल प्रशासन के अनुसार, जटिल और आवश्यक सर्जिकल सेवाओं को स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराने का लगातार प्रयास किया जा रहा है, ताकि मरीजों को बेहतर इलाज के लिए दूसरे शहरों में रेफर करने की आवश्यकता कम हो.
550 ग्राम के ओवेरियन सिस्ट की हुई सर्जरी
अस्पताल प्रशासन के अनुसार 45 वर्षीय महिला के ओवेरियन सिस्ट का वजन 550 ग्राम था. उपलब्ध संसाधनों और चिकित्सकीय टीम के समन्वित प्रयास से ऑपरेशन सफलतापूर्वक पूरा किया गया.
इस सर्जरी को सदर अस्पताल की चिकित्सा व्यवस्था, चिकित्सकीय दक्षता और टीमवर्क का महत्वपूर्ण उदाहरण बताया गया. अस्पताल में आवश्यक सर्जिकल सेवाओं के विस्तार की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
सिविल सर्जन और अस्पताल प्रबंधन का सहयोग
यह ऑपरेशन सिविल सर्जन डॉ बाबू साहब झा की अध्यक्षता तथा उपाधीक्षक डॉ नूतन वर्मा, जिला कार्यक्रम प्रबंधक बालकृष्ण चौधरी और अस्पताल प्रबंधक अभिनव आनंद के सहयोग से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ.
ऑपरेशन के दौरान ओटी स्टाफ के साथ छात्र भी शामिल रहे. इससे छात्रों को वास्तविक सर्जिकल प्रक्रिया और व्यावहारिक चिकित्सा कार्य को करीब से समझने का अवसर मिला.
सफल ऑपरेशन के बाद सिविल सर्जन डॉ बाबू साहब झा ने चिकित्सक, ओटी स्टाफ और ऑपरेशन में शामिल छात्रों का उत्साहवर्धन किया. उन्होंने पूरी टीम के समन्वित प्रयास की सराहना की.
Supaul Sadar Hospital: स्थानीय स्तर पर जटिल इलाज मिलने से मरीजों को राहत
सिविल सर्जन ने कहा कि अस्पताल में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग कर मरीजों को अधिक से अधिक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता है.
सदर अस्पताल में इस तरह की सर्जरी सफल होने से जिले के मरीजों को अपने ही जिले में उपचार मिलने की संभावना बढ़ती है. स्थानीय स्तर पर जटिल सर्जिकल सुविधाओं का विस्तार होने से मरीजों को इलाज के लिए दूसरे शहरों का रुख करने की जरूरत कम करने में मदद मिल सकती है.
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि आवश्यक और जटिल सर्जिकल सेवाओं को स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराने का प्रयास आगे भी जारी रहेगा. इससे मरीजों को समय पर इलाज मिलने के साथ अनावश्यक रेफरल को कम करने में मदद मिल सकती है.
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