Supaul Road Safety Drive: सुपौल से राजीव झा की रिपोर्ट. सुपौल में सड़क हादसों में कमी लाने और सुरक्षित ड्राइविंग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से परिवहन विभाग की ओर से एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया. बिहार सड़क सुरक्षा परिषद और परिवहन विभाग, पटना के निर्देश पर आयोजित इस एकदिवसीय कार्यक्रम में कुल 43 चालकों ने हिस्सा लिया. इनमें 42 निजी वाहन चालक और एक सरकारी वाहन चालक शामिल रहे.
कार्यक्रम का आयोजन जिला परिवहन कार्यालय, सुपौल द्वारा किया गया. अधिकारियों ने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य चालकों को जिम्मेदार ड्राइविंग के प्रति जागरूक करना और सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाना है.
चालकों को सिखाए गए ट्रैफिक नियम और सुरक्षित ड्राइविंग
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों की विस्तृत जानकारी दी गई. चालकों को ट्रैफिक संकेतों की पहचान, सुरक्षित ड्राइविंग व्यवहार, निर्धारित गति सीमा का पालन और हेलमेट व सीट बेल्ट के महत्व के बारे में बताया गया.
इसके साथ ही वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के इस्तेमाल से होने वाले खतरे और ओवरस्पीडिंग के दुष्परिणामों पर भी विशेष चर्चा हुई. अधिकारियों ने रात और खराब मौसम में सुरक्षित वाहन संचालन के तरीके भी समझाए.
गुड सेमेरिटन कानून और राइट ऑफ वे पर जागरूकता
प्रशिक्षण में “राइट ऑफ वे” की अवधारणा और पैदल यात्रियों को प्राथमिकता देने के नियमों पर भी जोर दिया गया. विद्यालय क्षेत्रों में सावधानी से वाहन चलाने और सड़क दुर्घटना की स्थिति में चालक की कानूनी व मानवीय जिम्मेदारियों की जानकारी दी गई.
प्रतिभागियों को “गुड सेमेरिटन” कानून, प्राथमिक उपचार और दुर्घटना के बाद अपनाई जाने वाली जरूरी प्रक्रियाओं से भी अवगत कराया गया.
आधुनिक तकनीक और प्रोत्साहन राशि की जानकारी
कार्यक्रम में एबीएस, एडीएएस, जीपीएस, वीएलटीडी और एसएलडी जैसी आधुनिक तकनीकों की उपयोगिता के बारे में भी बताया गया. सड़क सुरक्षा से जुड़ी पुस्तिकाएं और जागरूकता सामग्री भी वितरित की गई.
प्रशिक्षण के बाद सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए. जिला परिवहन पदाधिकारी डॉ संजीव कुमार सज्जन ने बताया कि प्रशिक्षण लेने वाले चालकों को 200 रुपये की प्रोत्साहन राशि डीबीटी के माध्यम से उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी.
