सुपौल में गड्ढों में बदल गई शिवपुरी की मुख्य सड़क, हर दिन हादसे का बढ़ रहा खतरा

Supaul Road Crisis: सुपौल में थरबिटिया रेलवे स्टेशन जाने वाली सड़क हुई बदहाल. बारिश में हालात और खतरनाक, ग्रामीणों ने प्रशासन से लगाई गुहार

Supaul Road Crisis. किशनपुर (सुपौल) से जीवछ प्रसाद की रिपोर्ट. शिवपुरी पंचायत में थरबिटिया रेलवे स्टेशन से पूर्वी कोसी बांध को जोड़ने वाली मुख्य सड़क इन दिनों पूरी तरह जर्जर हो चुकी है. सड़क पर जगह-जगह बने बड़े गड्ढों ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है. हालात ऐसे हो गए हैं कि इस रास्ते से गुजरने वाले लोगों को हर समय हादसे का डर सताता रहता है.

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सड़क इलाके के कई गांवों को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है और रोजाना सैकड़ों लोग इसी रास्ते से थरबिटिया रेलवे स्टेशन पहुंचते हैं. इसके बावजूद सड़क की मरम्मत लंबे समय से नहीं कराई गई है.

स्कूल जाने वाले बच्चों से लेकर वाहन चालक तक परेशान

ग्रामीणों के मुताबिक इस सड़क से प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, बाइक चालक और छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं. लेकिन सड़क की खराब हालत के कारण लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. जगह-जगह बने गहरे गड्ढों के कारण वाहन चालकों को संतुलन बनाए रखना मुश्किल हो रहा है.

लोगों का कहना है कि सड़क की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि कई बार बाइक सवार गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं. खासकर रात के समय यहां सफर करना और भी जोखिम भरा हो जाता है.

बारिश में और बढ़ जाता है खतरा

ग्रामीणों ने बताया कि बरसात के दिनों में इस सड़क की स्थिति और भयावह हो जाती है. गड्ढों में पानी भर जाने से राहगीरों को अंदाजा नहीं लग पाता कि सड़क कहां सही है और कहां गहरा गड्ढा. ऐसे में दुर्घटना की आशंका कई गुना बढ़ जाती है.

स्थानीय लोगों का कहना है कि खराब सड़क के कारण यात्रा में जरूरत से ज्यादा समय लग रहा है. कई वाहन चालक इस रास्ते से गुजरने से बचने लगे हैं.

ग्रामीणों ने की जल्द मरम्मत की मांग

ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और प्रशासन से सड़क की जल्द मरम्मत कराने की मांग की है. उनका कहना है कि यदि समय रहते सड़क निर्माण या मरम्मत कार्य शुरू नहीं हुआ तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है.

लोगों का मानना है कि सड़क ठीक हो जाने से न सिर्फ आवागमन आसान होगा बल्कि दुर्घटनाओं पर भी रोक लग सकेगी.

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लेखक के बारे में

Published by: Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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