सुपौल से रोशन सिंह की रिपोर्ट
Supaul News: पुलिस केंद्र सुपौल में शनिवार को पहली बार प्रशिक्षु सिपाहियों के सम्मान में भव्य दीक्षांत परेड समारोह का आयोजन किया गया. समारोह में 217 प्रशिक्षु सिपाहियों ने कठिन प्रशिक्षण अवधि सफलतापूर्वक पूरी करने के बाद पुलिस सेवा में शामिल होने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव पार किया. पूरे कार्यक्रम के दौरान उत्साह, अनुशासन और गौरव का माहौल देखने को मिला.
समारोह की शुरुआत प्रशिक्षु सिपाहियों की आकर्षक परेड और सलामी के साथ हुई. इसके बाद पुलिस उपमहानिरीक्षक डॉ. आशीष कुमार और पुलिस अधीक्षक शरथ आरएस ने परेड का निरीक्षण किया. प्रशिक्षु जवानों ने अनुशासन और कदमताल का उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सभी का ध्यान आकर्षित किया.
डीआईजी ने जवानों को क्या संदेश दिया?
दीक्षांत समारोह के दौरान डीआईजी डॉ. आशीष कुमार ने सभी 217 प्रशिक्षु सिपाहियों को कर्तव्यनिष्ठा, ईमानदारी और जनसेवा की शपथ दिलाई. उन्होंने कहा कि पुलिस की वर्दी केवल एक पोशाक नहीं, बल्कि सम्मान, विश्वास और जिम्मेदारी का प्रतीक है.
उन्होंने जवानों से निष्पक्षता, संवेदनशीलता और ईमानदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने का आह्वान किया. साथ ही अनुशासित जीवन अपनाने और आम लोगों के साथ बेहतर व्यवहार बनाए रखने की सीख दी.
आधुनिक चुनौतियों से निपटने के लिए क्या दी सलाह?
डीआईजी ने कहा कि वर्तमान समय में साइबर अपराध, संगठित अपराध और कानून-व्यवस्था से जुड़ी नई चुनौतियां लगातार बढ़ रही हैं. ऐसे में पुलिसकर्मियों का तकनीकी रूप से दक्ष और मानसिक रूप से मजबूत होना आवश्यक है.
उन्होंने प्रशिक्षुओं से नई तकनीकों को अपनाने, निरंतर सीखते रहने और समय के अनुरूप स्वयं को अद्यतन रखने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि पुलिस सेवा केवल नौकरी नहीं, बल्कि जनसेवा का एक सशक्त माध्यम है.
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Supaul News: उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जवान हुए सम्मानित
समारोह के दौरान प्रशिक्षण अवधि में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षु सिपाहियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया. अधिकारियों ने उन्हें भविष्य में भी बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया.
उल्लेखनीय है कि सुपौल पुलिस केंद्र में यह पहली बार था, जब 23 जुलाई 2025 से शुरू हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत 217 प्रशिक्षु सिपाहियों को बुनियादी पुलिस प्रशिक्षण दिया गया. प्रशिक्षण के दौरान उन्हें कानून-व्यवस्था प्रबंधन, हथियार संचालन, सामुदायिक पुलिसिंग, मानवाधिकार और आधुनिक अपराध नियंत्रण से संबंधित विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई.
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परिजनों के लिए क्यों खास रहा यह पल?
दीक्षांत परेड समाप्त होने के बाद जब प्रशिक्षु सिपाही अपने परिजनों से मिले, तो माहौल भावुक हो गया. कई महीनों की कठिन ट्रेनिंग के बाद वर्दी में सजे अपने बेटों को देखकर माता-पिता की आंखें खुशी से नम हो गईं.
समारोह में जिलाधिकारी सावन कुमार, एसएसबी कमांडेंट अंशल श्रीवास्तव, पुलिस विभाग के कई वरीय अधिकारी, प्रशिक्षक, पुलिसकर्मी और बड़ी संख्या में प्रशिक्षु सिपाहियों के परिजन मौजूद रहे.
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