Supaul News: सुपौल जिले में राजस्व कार्यों की धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी सावन कुमार ने सख्त रुख अपनाया है. समाहरणालय स्थित लहटन चौधरी सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने दाखिल-खारिज, ई-मैपी, बसेरा योजना, परिमार्जन प्लस, राजस्व महाअभियान और राजस्व वसूली सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की. बैठक में सभी भूमि सुधार उप समाहर्ता, अंचलाधिकारी और राजस्व पदाधिकारी मौजूद रहे.
समीक्षा के दौरान डीएम ने स्पष्ट कहा कि समय-सीमा के बावजूद मामलों का लंबित रहना गंभीर लापरवाही है. उन्होंने सभी अंचलाधिकारियों को अभियान मोड में काम करते हुए लंबित मामलों का जल्द से जल्द निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.
11 हजार से अधिक म्यूटेशन मामलों में 5 हजार से ज्यादा लंबित
बैठक में बताया गया कि जिले में दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) के कुल 11,335 मामले दर्ज हैं. इनमें अब तक 6,095 मामलों का निष्पादन किया जा चुका है, जबकि 5,240 आवेदन अब भी लंबित हैं. इनमें बड़ी संख्या ऐसे मामलों की है, जो 35 दिनों से अधिक समय से लंबित पड़े हैं.
इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए सभी पुराने मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया.
इन अंचलों के प्रदर्शन पर जताई नाराजगी
समीक्षा के दौरान किशनपुर, सुपौल, त्रिवेणीगंज, पिपरा और मरौना अंचलों के प्रदर्शन पर जिलाधिकारी ने असंतोष व्यक्त किया.
वहीं प्रतापगंज, निर्मली, सरायगढ़-भपटियाही और राघोपुर अंचलों के कार्यों को अपेक्षाकृत बेहतर बताया गया. डीएम ने सभी अधिकारियों को प्रतिदिन समीक्षा कर लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने का निर्देश दिया.
ई-मैपी और बसेरा योजना पर भी दिए सख्त निर्देश
बैठक में ई-मैपी की समीक्षा के दौरान पाया गया कि भुगतान होने के बाद भी बड़ी संख्या में मापी प्रतिवेदन लंबित हैं. इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई कर रिपोर्ट अपलोड करने का निर्देश दिया.
बसेरा योजना के तहत भूमि आवंटित लाभुकों के लंबित पर्चों को भी शीघ्र अपलोड करने तथा पात्र परिवारों को समय पर भूमि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए.
राजस्व वसूली की धीमी रफ्तार पर चिंता
राजस्व महाअभियान की समीक्षा में भी जिले का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं पाया गया. बैठक में बताया गया कि 21 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले अब तक केवल 1.47 करोड़ रुपये यानी लगभग 7 प्रतिशत राजस्व की ही वसूली हो सकी है. वहीं अभियान की उपलब्धि 23.96 प्रतिशत दर्ज की गई.
डीएम ने इस पर नाराजगी जताते हुए राजस्व वसूली में तेजी लाने और निर्धारित लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रभावी रणनीति अपनाने का निर्देश दिया.
Supaul News: अगली समीक्षा में कार्रवाई की चेतावनी
लोक शिकायत, आरटीएमएस, जनता दरबार, सीपीग्राम्स और मुख्यमंत्री डैशबोर्ड से जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी परिवाद को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाए.
उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि अगली समीक्षा बैठक तक जिन अंचलों के प्रदर्शन में अपेक्षित सुधार नहीं दिखेगा, उनके संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
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