सुपौल में छात्रों के समर्थन में भाकपा का प्रतिरोध मार्च, मुकदमे वापस लेने और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की उठी मांग

Supaul News: भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने सुपौल में छात्रों-नौजवानों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग को लेकर प्रतिरोध मार्च निकाला. शिक्षा व्यवस्था में सुधार और पारदर्शिता की मांग को लेकर यह आंदोलन जारी रहेगा.

Supaul News: सुपौल में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने आंदोलनकारी छात्रों और नौजवानों के समर्थन में प्रतिरोध मार्च निकालकर शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और प्रतियोगी परीक्षाओं में निष्पक्षता की मांग उठाई.

पार्टी कार्यकर्ताओं ने छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने, कथित दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग करते हुए केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की.

लोहिया नगर चौक से निकला प्रतिरोध मार्च

भाकपा के राष्ट्रव्यापी आह्वान के तहत सोमवार को लोहिया नगर चौक से डिग्री कॉलेज चौक तक प्रतिरोध मार्च निकाला गया. मार्च का नेतृत्व पार्टी के जिला मंत्री विद्यानंद कामत ने किया. बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने इसमें भाग लिया और छात्रों के अधिकारों तथा निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद की.

मार्च की शुरुआत नीट परीक्षा लीक प्रकरण से जुड़े घटनाक्रम में जान गंवाने वाले छात्र-छात्राओं को श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई.

शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग

प्रतिरोध मार्च को संबोधित करते हुए विद्यानंद कामत ने कहा कि केवल मंत्री बदलने से शिक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं होगा. उनका कहना था कि जब तक प्रतियोगी परीक्षाओं को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष नहीं बनाया जाएगा तथा शिक्षा व्यवस्था में बुनियादी सुधार नहीं होंगे, तब तक आंदोलन जारी रहेंगे.

उन्होंने कहा कि जनता के संघर्ष के सामने सरकार को अंततः सकारात्मक निर्णय लेना पड़ेगा.

छात्रों पर कार्रवाई का किया विरोध

भाकपा के वरिष्ठ नेता विद्यानंद गुप्ता और ललन साह ने आरोप लगाया कि आंदोलन में शामिल छात्रों पर दमनात्मक कार्रवाई की गई और उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाया गया. उन्होंने इन मुकदमों को वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा.

लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा पर जोर

किसान नेता चंदेश्वरी यादव और उपेंद्र यादव ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता की आवाज का सम्मान होना चाहिए. वहीं भाकपा नेताओं शंभू शरण शर्मा और मो. अयूब ने प्रशासनिक कार्रवाई की आलोचना करते हुए इसे अलोकतांत्रिक बताया और कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज को दबाया नहीं जा सकता.

Supaul News: बड़ी संख्या में शामिल हुए कार्यकर्ता

प्रतिरोध मार्च में हरिहर तांती, योगेंद्र राम, राम प्रसाद शर्मा, अरविंद चौपाल सहित बड़ी संख्या में भाकपा कार्यकर्ता शामिल हुए. प्रदर्शन के अंत में प्रतिभागियों ने छात्रों के अधिकारों की रक्षा, पारदर्शी परीक्षा प्रणाली और लोकतांत्रिक अधिकारों की सुरक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया.

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लेखक के बारे में

By राजीव कुमार झा

राजीव कुमार झा प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 02 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत हिन्दुस्तान से की. अभी प्रभात खबर ब्यूरोचीफ के पद पर सुपौल में काम कर रहे हैं. शिक्षा, कला-संस्कृति, सामाजिक कार्य व सिनेमा में रुचि रखते हैं.

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