Bhimnagar Security Check : सावन की दूसरी सोमवारी की पूर्व संध्या पर रविवार देर शाम भारत-नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र के भीमनगर स्थित सहरसा चौक पर सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट नजर आयीं. भीमनगर पुलिस और एसएसबी 45वीं बटालियन के पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से सघन वाहन जांच अभियान चलाया, जो देर रात तक जारी रहा. इस दौरान छोटे-बड़े वाहनों को रोककर जांच की गयी और यात्रियों की भी तलाशी ली गयी. सुरक्षा व्यवस्था का उद्देश्य कांवरियों की बढ़ती आवाजाही के बीच किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को पहले ही रोकना था.
सहरसा चौक पर देर रात तक चली जांच
रविवार शाम से ही सहरसा चौक पर पुलिस और एसएसबी के जवानों की तैनाती कर दी गयी थी. जांच अभियान के दौरान सभी प्रकार के छोटे और बड़े वाहनों को रोककर उनकी तलाशी ली गयी. वाहनों में मौजूद लोगों से भी पूछताछ की गयी. सुरक्षा बलों ने संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखी.
कोसी बराज पर जुटते हैं कांवरिये
इंडो-नेपाल क्षेत्र में स्थित कोसी बराज के पास कोसी नदी में श्रद्धालु स्नान और पूजा-अर्चना के बाद गंगाजल भरते हैं. इसके बाद वे अलग-अलग शिवालयों में पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं. सावन की सोमवारी से पहले रविवार रात कोसी बराज पर श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में आवाजाही रहती है.
श्रद्धालुओं की इस बढ़ती भीड़ को देखते हुए सीमा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है. पुलिस और एसएसबी की संयुक्त टीम ने आने-जाने वाले वाहनों की जांच कर सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने का प्रयास किया.
भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
नेपाल में हाल के दिनों में बने हालात को देखते हुए सीमावर्ती क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियां पहले से अधिक सतर्क हैं. सावन की दूसरी सोमवारी को लेकर भी पुलिस और एसएसबी विशेष सतर्कता बरत रही है. सुरक्षा एजेंसियों का उद्देश्य किसी भी संभावित खतरे या संदिग्ध गतिविधि को समय रहते पहचानना और किसी अप्रिय घटना को रोकना है.
भारी संख्या में जवान रहे तैनात
संयुक्त जांच अभियान के दौरान एसएसबी 45वीं बटालियन के उपकमांडेंट सुमन सौरभ, भीमनगर थानाध्यक्ष मनीष कुमार समेत एसएसबी और पुलिस के बड़ी संख्या में सशस्त्र जवान मौजूद रहे. अधिकारियों ने जांच अभियान की निगरानी की और जवानों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये.
कांवरियों की सुरक्षा पर भी विशेष नजर
सावन की दूसरी सोमवारी को लेकर सीमा क्षेत्र से गुजरने वाले कांवरियों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा भी पुलिस की प्राथमिकता में है. कोसी बराज से जल लेकर विभिन्न शिवालयों की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए प्रमुख मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ायी गयी है. सुरक्षा एजेंसियों की सक्रियता के कारण सीमावर्ती क्षेत्र में देर रात तक सुरक्षा का कड़ा पहरा देखने को मिला.
