सुपौल के सीमावर्ती गांव में SSB का मुफ्त पशु चिकित्सा शिविर, 263 पशुओं की हुई जांच, पशुपालकों को मिली जरूरी सलाह

Supaul News: 45वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल वीरपुर ने सीमावर्ती बरंतपुर गांव में एक निःशुल्क पशु चिकित्सा शिविर का आयोजन किया. इस शिविर में 263 पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण कर निःशुल्क दवाएं वितरित की गईं, जिससे पशुपालकों को काफी राहत मिली.

Supaul News: सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा के साथ-साथ जनकल्याण की पहल भी लगातार जारी है. सुपौल जिले के वीरपुर क्षेत्र में 45वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने सीमावर्ती गांव बरंतपुर में निःशुल्क पशु चिकित्सा शिविर का आयोजन किया. इस शिविर में 263 पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और जरूरतमंद पशुपालकों को मुफ्त दवाइयां भी उपलब्ध कराई गईं.

ग्रामीण इलाकों में पशुपालन लोगों की आय का प्रमुख स्रोत है. ऐसे में समय पर पशुओं का उपचार और स्वास्थ्य जांच न केवल पशुधन को सुरक्षित रखती है, बल्कि किसानों और पशुपालकों की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत बनाने में मदद करती है. यही कारण है कि इस शिविर को स्थानीय लोगों ने काफी उपयोगी बताया.

नागरिक कल्याण कार्यक्रम के तहत लगाया गया शिविर

45वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल वीरपुर की ओर से कमांडेंट गौरव सिंह के मार्गदर्शन में नागरिक कल्याण कार्यक्रम के तहत यह विशेष शिविर आयोजित किया गया.

यह शिविर सीमा चौकी शैलेशपुर के कार्यक्षेत्र के जीवंत गांव बरंतपुर में लगाया गया, जहां बड़ी संख्या में पशुपालक अपने पशुओं को लेकर पहुंचे.

263 पशुओं की हुई स्वास्थ्य जांच

शिविर के दौरान वाहिनी के पशु चिकित्सक डॉ. सूर्य प्रताप सिंह ने कुल 263 पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया.

जांच के बाद जिन पशुओं को दवाइयों की जरूरत थी, उन्हें मौके पर ही निःशुल्क दवाइयां वितरित की गईं. इससे पशुपालकों को इलाज के लिए अतिरिक्त खर्च नहीं करना पड़ा.

पशुपालकों को दी गई जरूरी जानकारी

शिविर केवल इलाज तक सीमित नहीं रहा. पशु चिकित्सक ने ग्रामीणों को पशुपालन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां भी दीं.

उन्होंने पशुओं के उचित रख-रखाव, संतुलित आहार, नियमित टीकाकरण और संक्रामक बीमारियों से बचाव के उपायों के बारे में विस्तार से बताया. उनका कहना था कि समय पर टीकाकरण और उपचार से गंभीर बीमारियों की आशंका काफी हद तक कम की जा सकती है.

पशुधन सुरक्षित रहेगा तो बढ़ेगी आय

विशेषज्ञों के अनुसार स्वस्थ पशु बेहतर उत्पादन देते हैं और पशुपालकों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. ऐसे शिविर ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन को बढ़ावा देने और आर्थिक सुरक्षा मजबूत करने में भी मददगार साबित होते हैं.

सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले कई पशुपालकों के लिए विशेषज्ञ पशु चिकित्सा सेवाएं आसानी से उपलब्ध नहीं होतीं. ऐसे में इस तरह के शिविर उनके लिए राहत का माध्यम बनते हैं.

Supaul News: ग्रामीणों ने जताया आभार

शिविर से लाभान्वित ग्रामीणों ने 45वीं वाहिनी एसएसबी, वीरपुर का आभार व्यक्त किया. उनका कहना था कि निःशुल्क पशु चिकित्सा शिविर सीमावर्ती क्षेत्रों के पशुपालकों के लिए बेहद उपयोगी हैं और भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाने चाहिए.

45वीं वाहिनी एसएसबी ने भी कहा कि नागरिक कल्याण कार्यक्रम के तहत आगे भी सीमावर्ती क्षेत्रों में सामाजिक और आर्थिक विकास, पशुपालन को बढ़ावा देने तथा जनहित से जुड़े ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे.

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लेखक के बारे में

By राजीव कुमार झा

राजीव कुमार झा प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 02 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत हिन्दुस्तान से की. अभी प्रभात खबर ब्यूरोचीफ के पद पर सुपौल में काम कर रहे हैं. शिक्षा, कला-संस्कृति, सामाजिक कार्य व सिनेमा में रुचि रखते हैं.

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