अनुदानित दर पर किसानों को दिया जा रहा है मसूर व तोरी का बीज

प्रत्येक पंचायत के 23 से 25 किसानों को दो दिनों के अंदर वितरित किया जाएगा बीज

– ई किसान भवन सभागार में प्रखंड स्तरीय किसान गोष्ठी का हुआ आयोजन – प्रत्येक पंचायत के 23 से 25 किसानों को दो दिनों के अंदर वितरित किया जाएगा बीज छातापुर. ई किसान भवन सभागार में शुक्रवार को प्रखंड स्तरीय किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया. बीएओ सुधाकर पांडेय, आत्मा अध्यक्ष जयशंकर पांडेय ने इसका शुभारंभ किया. गोष्ठी में किसानों को दलहन, तेलहन, गेहूं व मक्का की खेती के लिए तकनीकी सत्र आयोजित की गई, बीएओ ने प्रत्यक्षण के लिए अनुदानित दर पर मसूर और तोरी बीज के संबंध में बताया. कहा कि मसूर प्रत्यक्षण का बीज एवं तोरी प्रत्यक्षण का बीज प्रत्येक पंचायत के 23 से 25 किसानों को दो दिनों के अंदर वितरित कर दिया जाएगा. बेबी कॉर्न व स्वीट कार्न मक्का बीज, गेंहू बीज उपलब्ध है, इच्छुक किसान किसान सलाहकार से संपर्क कर अनुदानित बीज प्राप्त कर सकते हैं. एक पंजीयन पर दो तरह के बीज प्राप्त कर सकेंगे, ताकि अधिक से अधिक किसान इससे लाभान्वित हो सके, तकनीकी सत्र में कृषि समन्वयक नवीन कुमार ने मक्का बीज स्वीट कार्न व बेबी कॉर्न की खेती, उपचार, उपज व उपभोग के महत्त्व को बताया. कृषि समन्वयक कृत्यानंद महात्मान ने गेहूं, मक्का, दलहन व तेलहन की खेती के लिए तकनीकी जानकारी दी. कहा कि गेहूं की खेती करने का उपयुक्त अवधि 15 दिसंबर तक ही है. 15 दिसंबर के बाद गेहूं खेती करने पर उपज कम हो जाएगा. न्यूनतम तीन बार फसल की सिंचाई करना अनिवार्य है. जरूरत पड़ने पर पांच सिंचाई तक कर सकते हैं. प्रथम सिंचाई फसल लगाने के 21वें दिन पहली सिंचाई निश्चित रूप से कर लेना है. प्रथम सिंचाई में थोड़ा भी विलंब करने पर उपज आधा तक हो सकता है. 15 दिसंबर के बाद मक्का की खेती कर सकते हैं. जुताई के समय खेत में वर्मी कंपोस्ट या गोबर खाद ही डालें. कहा कि किसानों को जैविक खेती पर जोर देने की जरूरत है. रसायनिक खाद व केमिकल के बढ़ते प्रचलन के कारण अनाज विषैला हो रहा है और जमीन भी बंजर होने के कगार पर है. वहीं जैविक खेती करने से उपज ज्यादा और गुणवत्ता भी बेहतर होगी, जबकि जमीन की उर्वरा शक्ति भी बनी रहेगी. कहा कि मिट्टी का परीक्षण कराना भी अनिवार्य है. सुपौल व राघोपुर स्थित प्रयोगशाला में मिट्टी जांच करा सकते हैं. विभाग द्वारा छातापुर में भी जल्द ही मिट्टी जांच प्रयोगशाला खोलने की योजना है. वहीं कृषि यांत्रिकीकरण योजना के तहत अनुदान पर मिल रहे यंत्र की खरीद तथा थ्रैसिंग फ्लोर व वर्मी कंपोस्ट पीट निर्माण पर अनुदान का लाभ लेने को लेकर भी प्रेरित किया. सहायक तकनीकि प्रबंधक नरेंद्र कुमार ने कहा कि कृषि विभाग द्वारा किसान हित में कई योजनाएं संचालित की गई है, लेकिन जानकारी के अभाव में बहुत से किसान योजना से लाभान्वित नहीं हो पाते हैं. इस दौरान उन्होंने एंड्रॉयड मोबाइल वाले किसानों को प्ले स्टोर पर बिहार कृषि एप्प डाउनलोड करवाया और इसके फायदे बताए. कहा कि इस एप्प के माध्यम से किसान विभागीय योजनाओं की जानकारी से अपडेट हो सकते हैं. गोष्ठी में कृषि समन्वयक नवीन कुमार, कृत्यानंद महात्मान, सुमन कुमारी, एटीएम नरेंद्र कुमार, किसान सलाहकार दिनेश कुमार राम, विकास कुमार, संपतलाल साह, प्रदीप मेहता, किसान मनोज मेहता, जयनारायण सिंह, भोला सिंह, अलख सिंह, शिवप्रकाश सिन्हा, विमलेश यादव, गणेश झा आदि मौजूद थे.

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