– 01 अप्रैल से बदलेगा जमीन रजिस्ट्री का नियम, ऑनलाइन देनी होगी 13 जरूरी जानकारियां – फर्जीवाड़े पर लगेगी लगाम, खरीदार को रजिस्ट्री से पहले मिलेगी जमीन की पूरी रिपोर्ट सुपौल. जिले में जमीन की खरीद-बिक्री से जुड़े नियमों में 01 अप्रैल 2026 से बड़ा बदलाव होने जा रहा है. निबंधन विभाग द्वारा लागू किए जा रहे नए प्रावधानों का उद्देश्य रजिस्ट्री प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना और जमीन से जुड़े फर्जीवाड़े पर रोक लगाना है. अब रैयती जमीन की रजिस्ट्री के लिए लोगों को पहले से अधिक सतर्क और दस्तावेजों के प्रति सजग रहना होगा. नए नियमों के तहत अब ई-निबंधन पोर्टल पर जमीन से संबंधित 13 प्रकार की जानकारियां देना अनिवार्य कर दिया गया है. इनमें अंचल, मौजा, थाना, खाता, खेसरा, रकबा (क्षेत्रफल), चौहद्दी, जमाबंदी और जमाबंदी धारक का नाम सहित अन्य जरूरी विवरण शामिल हैं. बिना इन जानकारियों के अब रजिस्ट्री की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी. इसके साथ ही अब जमीन की सेटेलाइट तस्वीर अपलोड करना भी अनिवार्य कर दिया गया है. यह कदम जमीन की वास्तविक स्थिति को स्पष्ट करने और किसी प्रकार की गड़बड़ी को रोकने के लिए उठाया गया है. सेटेलाइट इमेज अपलोड होने के बाद ही रजिस्ट्री के लिए स्लॉट या समय निर्धारित किया जाएगा. रजिस्ट्री से पूर्व कोई खरीदार अगर जमीन की सही जानकारी लेना चाहे तो वह ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. जमीन की बिक्री से जुड़ी पूरी रिपोर्ट खरीदार को रजिस्ट्री से पहले ही उपलब्ध करा दी जाएगी. इस रिपोर्ट में जमीन के मालिकाना हक, किसी प्रकार के विवाद या बकाया की जानकारी शामिल होगी. इससे खरीदार को सही निर्णय लेने में मदद मिलेगी और धोखाधड़ी की संभावना काफी हद तक कम हो जाएगी. नए नियमों में डिजिटल वेरिफिकेशन को भी प्राथमिकता दी गई है. रजिस्ट्री के दौरान बायोमेट्रिक सत्यापन और डिजिटल हस्ताक्षर का उपयोग किया जाएगा, जिससे प्रक्रिया अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय बन सके. इन बदलावों से जमीन से जुड़े फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी, साथ ही रजिस्ट्री प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी. इससे जमीन विवादों में कमी आएगी और सरकारी राजस्व की भी सुरक्षा सुनिश्चित होगी. वहीं, पेपरलेस व्यवस्था लागू होने से लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर भी नहीं लगाने पड़ेंगे.
जमीन खरीद- बिक्री में सेटलाइट तस्वीर अनिवार्य
फर्जीवाड़े पर लगेगी लगाम, खरीदार को रजिस्ट्री से पहले मिलेगी जमीन की पूरी रिपोर्ट
