Sakhi Varta in Supaul : सुपौल में महिलाओं और किशोरियों को सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूक करने के लिए 'सखी वार्ता' कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम में बाल विवाह, दहेज प्रथा, लैंगिक हिंसा, साइबर सुरक्षा और महिला अधिकारों पर विस्तार से जानकारी दी गई. साथ ही सरकार की विभिन्न योजनाओं और हेल्पलाइन सेवाओं के बारे में भी बताया गया.
महिलाओं को आत्मनिर्भर, जागरूक और अपने अधिकारों के प्रति सजग बनाने की दिशा में सुपौल जिले में 'सखी वार्ता' कार्यक्रम का आयोजन किया गया. महिला एवं बाल विकास निगम, सुपौल के तत्वावधान में जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वूमेन (DHEW) द्वारा बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत सदर प्रखंड के कर्णपुर पंचायत भवन में यह कार्यक्रम आयोजित हुआ.
कार्यक्रम में कर्णपुर, बलहा और सुखपुर सोल्हनी पंचायत की आंगनबाड़ी सेविकाओं के साथ बड़ी संख्या में महिलाओं और किशोरियों ने भाग लिया. आयोजन का उद्देश्य महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और समाज में व्याप्त बाल विवाह, दहेज प्रथा तथा लैंगिक हिंसा जैसी कुरीतियों के खिलाफ जनजागरण फैलाना था.
बाल विवाह के दुष्परिणाम और कानूनी प्रावधानों की दी जानकारी
कार्यक्रम के दौरान जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वूमेन की टीम ने बताया कि बाल विवाह केवल सामाजिक बुराई ही नहीं, बल्कि कानूनन दंडनीय अपराध भी है. इसका सबसे अधिक असर बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य पर पड़ता है.
प्रतिभागियों को विवाह की वैधानिक आयु, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों और कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई. आंगनबाड़ी सेविकाओं से अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को जागरूक कर बाल विवाह रोकने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की गई.
Sakhi Varta in Supaul : महिला अधिकार, साइबर सुरक्षा और सरकारी योजनाओं पर चर्चा
'सखी वार्ता' कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास, पोषण, साइबर सुरक्षा और महिलाओं एवं बालिकाओं के संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों पर भी विस्तृत चर्चा की गई.
विशेषज्ञों ने बताया कि किसी भी प्रकार की घरेलू हिंसा, उत्पीड़न या संकट की स्थिति में महिलाओं को सरकारी सहायता लेने में संकोच नहीं करना चाहिए. इसके लिए उपलब्ध कानूनी सहायता, परामर्श, चिकित्सा सुविधा, अस्थायी आश्रय और पुलिस सहयोग जैसी सेवाओं की जानकारी भी दी गई.
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वन स्टॉप सेंटर और हेल्पलाइन की जानकारी
कार्यक्रम में बताया गया कि सुपौल जिले का वन स्टॉप सेंटर सदर अस्पताल परिसर में संचालित है, जहां संकटग्रस्त महिलाओं को एक ही स्थान पर विभिन्न प्रकार की सहायता उपलब्ध कराई जाती है.
महिलाओं को महिला हेल्पलाइन 181 और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के उपयोग और महत्व की भी जानकारी दी गई, ताकि जरूरत पड़ने पर वे तुरंत सहायता प्राप्त कर सकें.
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर
जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वूमेन की टीम ने महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक रूप से सशक्त बनाने के लिए संचालित विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी भी साझा की. अधिकारियों ने कहा कि जागरूकता ही महिलाओं को आत्मनिर्भर और सुरक्षित बनाने का सबसे प्रभावी माध्यम है.
कार्यक्रम में जिला मिशन समन्वयक हरिनारायण कुमार, केंद्र प्रशासक कुमारी प्रतिभा, लैंगिक विशेषज्ञ नीतू कुमारी, मोहम्मद तारीक सिद्दीकी, महिला पर्यवेक्षिका खुशबू कुमारी, आंगनबाड़ी सेविकाएं और बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं.
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