कृषि यंत्रीकरण योजना की समीक्षा बैठक संपन्न, लॉटरी के माध्यम से कृषकों को परमिट जारी

कृषि यंत्रीकरण योजना किसानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है

सुपौल. समाहरणालय स्थित जिला पदाधिकारी कार्यालय वेश्म में गुरुवार को डीएम सावन कुमार की अध्यक्षता में सब-मिशन ऑन एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन (एसएमएएम) योजना एवं जिला स्तरीय कार्यपालक समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में योजना के तहत कस्टम हायरिंग सेंटर (सीएचसी) स्थापना तथा सामान्य कृषि यंत्रों के लिए कृषकों द्वारा किए गए ऑनलाइन आवेदनों पर लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से परमिट का चयन किया गया. बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी, जिला उद्यान पदाधिकारी, वरीय वैज्ञानिक-सह-प्रधान, कृषि विज्ञान केंद्र सुपौल, अग्रणी बैंक प्रबंधक तथा उप निदेशक, कृषि अभियंत्रण समेत संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे. जिला पदाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि लॉटरी के माध्यम से चयनित सभी कृषकों को जारी किए गए परमिट 24 घंटे के भीतर हस्तगत कराना सुनिश्चित किया जाए. उन्होंने कहा कि कृषि यंत्रीकरण योजना किसानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए इसके क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की देरी न हो. सभी विभागीय पदाधिकारी योजना की प्रगति और उपलब्धि को समयबद्ध रूप से सुनिश्चित करें. डीएम ने स्पष्ट कहा कि कस्टम हायरिंग सेंटर तथा सामान्य कृषि यंत्र किसानों की खेती को तकनीकी रूप से सक्षम बनाते हैं, जिससे उत्पादन लागत कम होती है और कृषि कार्यों में तेजी आती है. इसलिए योजना का लाभ अधिक से अधिक पात्र कृषकों तक समय पर पहुंचे, यह प्रशासन की प्राथमिकता है. बैठक में योजना से संबंधित विभिन्न बिंदुओं की विस्तृत समीक्षा की गई और आगे बेहतर क्रियान्वयन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए गए.

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