सुपौल जिला लोक शिकायत निवारण कार्यालय में दर्ज एक परिवाद का त्वरित व सफल निष्पादन करते हुए सुपौल-अररिया नई रेल लाइन परियोजना से प्रभावित एक स्थानीय भू-स्वामी को बड़ी राहत दिलाई गई है. प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद अर्जित भूमि और उस पर बने आवासीय मकान के मुआवजे की वर्षों से लंबित 20 प्रतिशत शेष राशि के भुगतान का अंतिम आदेश जारी कर दिया गया है.
क्या था पूरा मामला?
नगर परिषद त्रिवेणीगंज के डपरखा निवासी छुतहरू यादव ने 02 जुलाई 2026 को जिला लोक शिकायत निवारण कार्यालय में एक परिवाद (संख्या 406110102072602598) दायर किया था:
- लंबित भुगतान का आरोप: परिवादी की शिकायत थी कि सुपौल-अररिया नई रेल लाइन परियोजना के तहत मौजा डपरखा के खेसरा संख्या-3451 स्थित उनकी अर्जित भूमि और आवासीय मकान का 20 प्रतिशत मुआवजा अब तक बकाया रखा गया है.
- अपर समाहर्ता ने ली रिपोर्ट: शिकायत की गंभीरता को देखते हुए अपर समाहर्ता (लोक शिकायत निवारण) सह जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी विकास कुमार ने मामले में संज्ञान लेते हुए जिला भू-अर्जन पदाधिकारी से जवाब-तलब किया.
जांच में सही पाया गया मामला, कुल ₹9,26,928 जारी
जिला भू-अर्जन विभाग द्वारा कराई गई जांच में परिवादी की शिकायत पूरी तरह सही पाई गई. इसके बाद जिला भू-अर्जन पदाधिकारी ने कार्यालय पत्रांक-1674/भू०अ० एवं 1675/भू०अ० (दिनांक 22 जुलाई 2026) जारी कर मुआवजा राशि का आदेश निर्गत कर दिया.
जारी मुआवजे का ब्योरा:
- संरचना (मकान) मद में: ₹2,55,956
- भूमि मद में: ₹6,70,972
- कुल भुगतान योग्य राशि: ₹9,26,928
जिला भू-अर्जन कार्यालय, सुपौल के नाजिर को उक्त राशि के शीघ्र भुगतान का स्पष्ट निर्देश दिया गया है.
आम जनता में बढ़ा लोक शिकायत व्यवस्था पर भरोसा
मुआवजे के आदेश निर्गत होने के साथ ही परिवादी की शिकायत का सफलतापूर्वक निष्पादन कर दिया गया है. जिला लोक शिकायत निवारण कार्यालय की इस त्वरित कार्रवाई से पीड़ित परिवार को न्याय मिला है, जिससे स्थानीय लोगों के बीच सरकारी लोक शिकायत निवारण तंत्र के प्रति विश्वास और सुदृढ़ हुआ है.
