प्रतापगंज (सुपौल) से सरोज कुमार महतो की रिपोर्ट. स्थानीय अंचल कार्यालय परिसर में शनिवार को भूमि विवादों के त्वरित और शांतिपूर्ण निपटारे के लिए जनता दरबार का आयोजन किया गया. जनता दरबार में अंचलाधिकारी (सीओ) आशु रंजन एवं थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार मुख्य रूप से उपस्थित रहे. इस दौरान अपनी-अपनी जमीनी समस्याओं के समाधान की आस में प्रखंड क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोग अंचल कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों के समक्ष अपनी शिकायतें रखीं.
जमीन विवाद और अतिक्रमण से जुड़े पहुंचे मामले
जनता दरबार में पहुंचे अधिकांश फरियादी मुख्य रूप से निम्नलिखित समस्याओं को लेकर उपस्थित हुए थे:
- भूमि विवाद और आपसी बंटवारा
- जमीन का सीमांकन (मापी)
- अवैध अतिक्रमण से जुड़ी शिकायतें
अधिकारियों ने दोनों पक्षों के दस्तावेजों की जांच करते हुए एक-एक कर सभी मामलों की गहन सुनवाई की तथा संबंधित पक्षों से आवश्यक फीडबैक और जानकारी प्राप्त की.
चार में से एक मामले का हुआ ऑन-द-स्पॉट निपटारा
मामलों के निष्पादन की जानकारी देते हुए अंचलाधिकारी आशु रंजन ने बताया कि शनिवार को भूमि विवाद से जुड़े कुल 4 नए और पुराने आवेदन प्राप्त हुए. इनमें से:
- निष्पादित मामले: दोनों पक्षों की आपसी सहमति और कागजातों के आधार पर 1 मामले का मौके पर ही स्थाई निष्पादन कर दिया गया.
- लंबित मामले: शेष 3 मामले अत्यधिक जटिल होने के कारण उनका ऑन-द-स्पॉट निपटारा नहीं हो सका. इन मामलों की विस्तृत सुनवाई के लिए अगले सप्ताह की तिथि निर्धारित की गई है.
पारदर्शिता के लिए होगी स्थल जांच
सीओ ने स्पष्ट किया कि कई मामलों में गहन कागजी प्रक्रिया, अंचल अमीन द्वारा स्थल जांच तथा राजस्व अभिलेखों (खतियान और रजिस्टर टू) के भौतिक सत्यापन की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि जटिल मामलों में नियमानुसार अगली तिथि निर्धारित कर विस्तृत सुनवाई की जाएगी, ताकि किसी भी पक्ष के साथ अन्याय न हो और सभी को निष्पक्ष व पारदर्शी न्याय मिल सके.
