सुपौल 22 से 27 फरवरी तक मनाए जा रहे पुलिस सप्ताह दिवस के अवसर पर रविवार को सुपौल में नशा मुक्ति अभियान के तहत व्यापक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. पुलिस पदाधिकारियों व कर्मियों ने शहर में पैदल मार्च निकाला गया. पैदल मार्च का उद्देश्य आम लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और समाज को नशामुक्त बनाने के लिए जनसहभागिता को प्रोत्साहित करना रहा. मार्च के दौरान पुलिसकर्मियों ने “नशा छोड़ो, जीवन जोड़ो”, “नशामुक्त समाज सशक्त समाज” जैसे नारे लगाकर लोगों को नशे से दूर रहने का संदेश दिया. यह मार्च शहर के प्रमुख मार्गों और चौक-चौराहों से होकर गुजरा, जहां स्थानीय लोगों ने भी इसमें रुचि दिखाई. थानाध्यक्ष रामसेवक रावत ने बताया कि नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि परिवार और समाज को भी बर्बादी की ओर ले जाता है. नशे की लत अपराध, घरेलू हिंसा और सामाजिक असंतुलन का बड़ा कारण बनती जा रही है. इसे जड़ से समाप्त करने के लिए पुलिस के साथ-साथ आम जनता की सक्रिय भागीदारी बेहद जरूरी है. पुलिस सप्ताह के तहत आयोजित इस अभियान के माध्यम से युवाओं को विशेष रूप से नशे से दूर रहने की अपील की गई. पुलिस ने लोगों से यह भी आग्रह किया कि यदि उनके आसपास कहीं भी नशीले पदार्थों की बिक्री या सेवन की जानकारी मिले, तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके. सदर थाना सुपौल की इस पहल की स्थानीय नागरिकों ने सराहना की और उम्मीद जताई कि इस तरह के जागरूकता अभियानों से समाज में सकारात्मक बदलाव आएगा. थानाध्यक्ष ने बताया कि पैदल मार्च लगभग चार किलोमीटर तक किया गया. इस मौके पर पुअनि राम बहादुर सिंह, अभिषेक कुमार, मुकेश कुमार, मो वाहिद आलम सहित अन्य पुलिस पदाधिकारी व कर्मी मौजूद थे.
नशा मुक्ति को लेकर पुलिस ने कियापैदल मार्च
22 से 27 फरवरी तक मनाए जा रहे पुलिस सप्ताह दिवस के अवसर पर रविवार को सुपौल में नशा मुक्ति अभियान के तहत व्यापक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया 22 से 27 फरवरी तक मनाए जा रहे पुलिस सप्ताह दिवस के अवसर पर रविवार को सुपौल में नशा मुक्ति अभियान के तहत व्यापक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गयागया
