– नप कर्मियों सहित सभी वार्ड पार्षदों ने आंदोलन को दिया समर्थन – सफाई कर्मियों की हड़ताल से ठप हुई शहर की सफाई व्यवस्था – पुलिस कार्रवाई के विरोध में उग्र आंदोलन की चेतावनी – उच्च वर्गीय लिपिक, स्वच्छता संवेदक और कर्मियों की गिरफ्तारी से नाराज कर्मियों ने रोका काम – कचरा उठाव बंद होने से शहर में फैली दुर्गंध – हड़ताल के कारण होल्डिंग टैक्स जमा नहीं हो सका, राजस्व प्रभावित – शहर से प्रतिदिन 30 टन कचरा का होता है उठाव सुपौल नगर परिषद कर्मियों के विरूद्ध सदर थाना पुलिस की एक पक्षीय कार्रवाई के विरोध में सोमवार को नगर परिषद के स्वच्छता कर्मियों ने हड़ताल शुरू कर दी. हड़ताल के कारण शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है. आक्रोशित कर्मियों ने सोमवार की सुबह मुख्य पार्षद के आवासीय परिसर में धरना पर बैठ गये. जिसका साथ नप कर्मियों ने भी दिया. इस दौरान नप कर्मी एवं सफाई कर्मियों ने थानाध्यक्ष को हटाने की मांग की. वहीं एसआई सुमित भारती पर कठोर कार्रवाई की मांग करने लगे. जेसीबी ऑपरेटर व सफाई कर्मी से बदसलूकी से भड़का आक्रोश बताया जाता है कि विवाद की शुरुआत वार्ड संख्या 22 में नाला निर्माण के दौरान हुई थी. जो इदगाह जाने वाले नमाजियों का मुख्य रास्ता है, जहां सफाई का काम चल रहा था. इसी दौरान एक अधिवक्ता अबू बकर द्वारा जेसीबी ऑपरेटर और सफाई कर्मी के साथ बदसलूकी की गई. कथित रूप से जाति सूचक शब्दों का इस्तेमाल किया गया. मुख्य पार्षद को इसकी जानकारी मिलने पर उन्होंने संबंधित लोगों से थाना में आवेदन देने को कहा, लेकिन पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज नहीं की गई. रविवार रात की घटना से बढ़ा विवाद पुलिस द्वारा आरोपी अधिवक्ता के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज नहीं किये जाने से आक्रोशित किसी स्वच्छता कर्मी द्वारा थाना परिसर के सामने कचरा फेंक दिया गया था. सूचना मिलने पर नगर परिषद के मुख्य पार्षद ने तुरंत वहां से कचरा हटवा दिया. इसके बावजूद थानाध्यक्ष देर रात नगर परिषद के उच्च वर्गीय लिपिक समेत अन्य कर्मियों के घर पहुंचे. उन्हें गिरफ्तार कर लिया. आरोप है कि इस दौरान उनके साथ अभद्र व्यवहार और मारपीट भी की गई. रात का समय होने के कारण मामला शांत रहा, लेकिन सोमवार सुबह स्वच्छता कर्मियों में आक्रोश फैल गया. बड़ी संख्या में सफाई कर्मी एकत्रित होकर मुख्य पार्षद के घर पहुंचे और काम बंद कर दिया. इससे शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई. हिरासत के बाद पीआर बॉन्ड पर रिहाई कर्मियों और शहरवासियों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए पुलिस ने हिरासत में लिए गए लिपिक असजद आलम, सफाई संवेदक डीके मिश्रा, व तीन सफाई कर्मी को पीआर बॉन्ड भरवाकर रिहा कर दिया. हड़ताल से नगर परिषद का कामकाज प्रभावित स्वच्छता कर्मियों के समर्थन में नगर परिषद के अन्य कर्मियों ने भी सोमवार को हड़ताल रखी. इसके कारण नगर परिषद कार्यालय का अधिकांश कामकाज ठप रहा. दर्जनों लोग होल्डिंग टैक्स जमा करने पहुंचे थे, लेकिन काउंटर बंद रहने के कारण उन्हें बिना टैक्स जमा किए ही वापस लौटना पड़ा. इससे नगर परिषद के राजस्व पर भी असर पड़ा है. कचरे से फैल रही दुर्गंध जगह-जगह कचरे के ढेर लगने से दुर्गंध फैल रही है. आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. स्वच्छता कर्मियों का आरोप है कि सदर थाना पुलिस ने नगर परिषद के उच्च वर्गीय लिपिक, स्वच्छता संवेदक सहित तीन-चार सफाई कर्मियों को उनके घर से गिरफ्तार कर लिया. उनके साथ मारपीट भी की. इस घटना से नाराज कर्मियों ने काम बंद कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. कर्मियों का कहना है कि जब तक दोषी थानाध्यक्ष व पुलिस कर्मी को दंडित नहीं किया जायेगा यह आंदोलन जारी रहेगा. मामले का किया जायेगा समाधान : डीएम डीएम सावन कुमार ने कहा कि दोनों पक्षों को बैठाकर जल्द ही मामले का समाधान किया जाएगा. उन्होंने कहा कि आगे ईद और रामनवमी जैसे पर्व भी आने वाले हैं, इसलिए स्थिति को जल्द सामान्य करना जरूरी है. होगी जांच दोषियों को मिलेगी सजा : एसपी पुलिस अधीक्षक शरथ आरएस ने कहा कि इस मामले की जांच की जायेगी. इसमें जो लोग शामिल होंगे उन्हें सजा मिलेगी. जब तक जांच नहीं होता कुछ नहीं कहा जा सकता है. उचित कार्रवाई होने तक बना रहेगा आक्रोश : मुख्य पार्षद नगर परिषद अध्यक्ष राघवेन्द्र झा ‘राघव’ ने कहा कि स्वच्छता कर्मियों के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया है, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. जब तक इस मामले में उचित कार्रवाई नहीं होती, तब तक कर्मियों में आक्रोश बना रहेगा. राजस्व पर पड़ा है असर : ईओ नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी अरविंद कुमार सिंह ने कहा कि स्वच्छता कर्मियों के साथ हुए व्यवहार के विरोध में यह हड़ताल की गई है. हड़ताल के कारण सोमवार को होल्डिंग टैक्स सहित कई कार्य प्रभावित हुए, जिससे राजस्व पर भी असर पड़ा है. उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही स्थिति सामान्य होगी और कार्य पुनः शुरू कर दिया जाएगा.
सदर थाना पुलिस की एक पक्षीय कार्रवाई से भड़का आक्रोश, नप के सफाई कर्मियों ने शुरू किया हड़ताल
जिसका साथ नप कर्मियों ने भी दिया. इस दौरान नप कर्मी एवं सफाई कर्मियों ने थानाध्यक्ष को हटाने की मांग की
