नवरात्रा के पांचवें दिन मां स्कंदमाता की हुई पूजा-आराधना

माता की पूजा व धूप-आरती के लिये पहुंच रहे हैं. माता के प्रति श्रद्धा व आस्था का सैलाब धीरे-धीरे उमड़ता जा रहा है.

– पूजन व आरती में बड़ी संख्या में शामिल हो रहे श्रद्धालु सुपौल जिले में चैती नवरात्रा से भक्तिमय माहौल बना हुआ है. शहर के चकला निर्मली स्थित मंदिरों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों के दुर्गा मंदिरों में पूजा का आयोजन किया जा रहा है. वहीं घरों में भी श्रद्धालुओं द्वारा माता भगवती की पूजा-अर्चना पूरी श्रद्धा और आस्था के साथ की जा रही है. सोमवार को नवरात्रा के पंचमी को भगवती के पंचम स्वरूप स्कंदमाता की आराधना की गयी. पूजा को लेकर खास तौर पर नगर परिषद वार्ड नंबर 07 चकला निर्मली स्थित माता के मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा. नवरात्रा के अवसर पर मंदिरों को बड़े ही आकर्षक व भव्य तरीके से सजाया गया है. जहां बड़ी संख्या में लोग यहां माता की पूजा व धूप-आरती के लिये पहुंच रहे हैं. माता के प्रति श्रद्धा व आस्था का सैलाब धीरे-धीरे उमड़ता जा रहा है. वहीं संध्या के समय मंदिर परिसर में भजन संध्या का भी आयोजन प्रत्येक दिन किया जा रहा है. पंडित नूतन झा ने बताया कि सोमवार को माता के पंचम स्वरूप की पूजा-अर्चना की गई. बताया कि माता का पंचम स्वरूप अत्यंत सुखदायी है. इस स्वरूप में माता अपने भक्तों के प्रति अपार स्नेह लुटाती है. षष्ठी पूजा व विल्व न्योता मंगलवार को माता भगवती के छठे स्वरूप मां कात्यायनी की पूजा की जाएगाी. वहीं संध्या में माता का विल्व वृक्ष पूजा भी होगी. बेल निमंत्रण के बाद सप्तमी को अहले सुबह माता का आगमन होगा. जिसके बाद माता की प्रतिमा में वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ प्राण प्रतिष्ठा दिया जाएगा. बताया कि माता के छठे स्वरूप देवी कात्यायनी महर्षि कात्यायन की घोर तपस्या के बाद उनकी पुत्रि के रूप में जन्म लेकर भक्तों का उद्धार करने आयी थी. माता का यह रूप पापों का नाश करता है.

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