सुपौल जिले में आगामी 11 नवंबर को होने वाले दूसरे चरण के विधानसभा चुनाव को लेकर अब चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है. 20 अक्टूबर को नामांकन प्रक्रिया समाप्त होने के साथ ही विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों के साथ-साथ निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी प्रचार अभियान शुरू कर दिया है. चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार, नामांकन पत्रों की संवीक्षा के बाद अब सुपौल जिले के पांच विधानसभा क्षेत्रों सुपौल, निर्मली, पिपरा, छातापुर और त्रिवेणीगंज (सुरक्षित) में कुल 49 प्रत्याशी मैदान में बचे हैं. इनमें तीन महिला प्रत्याशी भी शामिल हैं. सबसे अधिक पिपरा विधानसभा क्षेत्र में 14 उम्मीदवार चुनावी समर में हैं, जबकि सबसे कम त्रिवेणीगंज (सुरक्षित) सीट पर पांच प्रत्याशी किस्मत आजमा रहे हैं. वहीं, छातापुर से 13, सुपौल से 9 और निर्मली से आठ प्रत्याशी चुनावी दौड़ में हैं. नामांकन प्रक्रिया पूरी होते ही सभी प्रत्याशी अपने-अपने क्षेत्रों में जनसंपर्क अभियान में जुट गए हैं. गली-मोहल्लों, गांवों और बाजारों में मतदाताओं से संपर्क साधने का दौर जारी है. जगह-जगह नुक्कड़ सभाएं, चौपालें और जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. प्रत्याशी मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता से उठा रहे हैं. इस बार का चुनाव जातीय समीकरण, विकास कार्यों, और स्थानीय नेतृत्व की पकड़ पर टिका हुआ माना जा रहा है. प्रमुख दलों के उम्मीदवार अपने-अपने पार्टी के शीर्ष नेताओं के आगमन की तैयारियों में जुटे हैं. वहीं, निर्दलीय प्रत्याशी भी क्षेत्रीय असंतोष और स्थानीय मुद्दों को लेकर प्रचार में अपनी दमदारी दिखा रहे हैं. जिले में प्रशासन ने भी निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान को लेकर तैयारी शुरू कर दी है. चुनाव आयोग के दिशा-निर्देश के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था, मतदान केंद्रों की संख्या, संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान और कर्मियों के प्रशिक्षण का कार्य प्रगति पर है. अब जबकि नामांकन और संवीक्षा की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, चुनावी मैदान में वास्तविक मुकाबले की तस्वीर साफ हो गई है. आने वाले दिनों में प्रचार अभियान और तेज होने की उम्मीद है, जिससे जिले का माहौल पूरी तरह चुनावी रंग में रंग जाएगा.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
