ध्यान करने से सोचने की बढ़ती है क्षमता

ध्यान करने से सोचने की बढ़ती है क्षमता

सुपौल

सुपौल कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में सोमवार को प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के सहयोग से एक सफल ध्यान शिविर का आयोजन किया गया. इस सत्र का मुख्य विषय था “खुशी या तनाव, स्वयं करे चुनाव. कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों और संकाय सदस्यों को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व के प्रति जागरूक करना और बेहतर कल की उम्मीद जगाना था. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्राचार्य डॉ अच्युतानंद मिश्रा ने अपने उद्घाटन भाषण में ध्यान और मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर जोर दिया. सत्र में मुख्य वक्ता राजयोगा मेडिटेशन ट्रेनर बीके भास्कर ने मानसिक स्वास्थ्य और ध्यान के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की. सत्र सुबह 11 बजे से दोपहर 01 बजे तक सेमिनार हॉल में आयोजित किया गया. सहायक प्रो पंकज सिंह ने ध्यान की तकनीकों और उसके लाभों के बारे में विस्तार से बताया. उन्होंने कहा कि ध्यान करने से न केवल हमारा मन शांत होता है, बल्कि हमारी सोचने की क्षमता भी बढ़ती है. छात्र समन्वयक गौरव कुमार और युवराज सिंह ने कार्यक्रम के आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. सत्र के अंत में सभी प्रतिभागियों ने ध्यान के महत्व को समझा और इसका नियमित अभ्यास करने का संकल्प लिया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >