वीरपुर (सुपौल) से प्रमोद कुमार की रिपोर्ट:
गोल चौक पर जुटे दवा कारोबारी, शटर गिराकर जताया कड़ा विरोध
वीरपुर नगर क्षेत्र के गोल चौक स्थित मुख्य मार्ग (मेन रोड) पर बुधवार को दवा दुकानदारों का बड़ा जुटान देखने को मिला. देशव्यापी बंदी के समर्थन में नगर की सभी छोटी-बड़ी दवा दुकानों के शटर पूरी तरह गिरे रहे. अपनी रोजी-रोटी और अस्तित्व को बचाने के लिए दवा कारोबारी सुबह से ही धरना स्थल पर एकत्रित हो गए. कारोबारियों का कहना था कि ऑनलाइन फार्मा कंपनियों की मनमानी, नकली दवाओं के बढ़ते कारोबार और भारी-भरकम डिस्काउंट (छूट) देकर पारंपरिक बाजार को नष्ट करने की साजिश के खिलाफ वे सड़क पर उतरने को मजबूर हुए हैं.
मरीजों की सुरक्षा से खिलवाड़ कर रही हैं ई-फार्मेसी कंपनियां: एसोसिएशन
धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने तकनीकी और स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को प्रमुखता से उठाया. वक्ताओं ने कहा कि ऑनलाइन दवा बेचने वाली कई ई-फार्मेसी कंपनियां बिना किसी वैध चिकित्सकीय परामर्श (डॉक्टर के पर्चे) और उचित जांच के ही गंभीर व प्रतिबंधित दवाएं सीधे मरीजों के घरों तक पहुंचा रही हैं. यह लापरवाही मरीजों के स्वास्थ्य के लिए बेहद घातक और जानलेवा साबित हो सकती है. दवा कोई सामान्य उपभोग या सजावट की वस्तु नहीं, बल्कि एक संवेदनशील जीवन रक्षक उत्पाद है, जिसकी बिक्री केवल योग्य फार्मासिस्ट की देखरेख में ही होनी चाहिए.
छोटे और मध्यम स्तर के दुकानदारों के सामने रोजी-रोटी का संकट
दवा विक्रेताओं ने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि बिना किसी ठोस सरकारी नीति और कड़े नियमों के चल रहे ऑनलाइन व्यापार के कारण ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के छोटे व मध्यम स्तर के मेडिकल दुकानदारों का व्यवसाय पूरी तरह चौपट होने की कगार पर पहुंच गया है. यदि इन ऑनलाइन पोर्टल पर अविलंब कड़ा नियंत्रण स्थापित नहीं किया गया, तो लाखों दवा दुकानदारों और उनके कर्मचारियों के सामने भुखमरी की स्थिति पैदा हो जाएगी. संघ के नेताओं ने साफ किया कि उनकी यह लड़ाई सिर्फ व्यापार बचाने की नहीं, बल्कि देश की दवा वितरण व्यवस्था को पारदर्शी और सुरक्षित रखने की भी है.
मांगें पूरी नहीं होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी, ये रहे मौजूद
वीरपुर के दवा कारोबारियों ने केंद्र और राज्य सरकार को स्पष्ट लहजे में चेतावनी दी है कि यदि उनकी जायज मांगों पर जल्द ही कोई सकारात्मक और ठोस कानूनी कदम नहीं उठाया गया, तो आने वाले दिनों में आवश्यक दवाओं की आपूर्ति ठप कर अनिश्चितकालीन और उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा.
इस एक दिवसीय सफल बंदी और धरना कार्यक्रम में वीरपुर एसोसिएशन के अध्यक्ष सुनील कुमार, उपाध्यक्ष शेखर मेहता, सचिव कमलेश कुमार और कोषाध्यक्ष मिथिलेश गुप्ता ने मुख्य रूप से नेतृत्व किया. इसके अलावा गुड्डू अंसारी, विपिन कुमार, शंभू कुमार, दीपक कुमार, हरिकृष्ण गुप्ता, मिथिलेश कुमार, संतोष झा, वरुण कुमार, संजय पोद्दार, आशीष कुमार, शोभित कुमार, प्रनील कुमार, आशीष देव और प्रेम सिंह सहित क्षेत्र के दर्जनों दवा विक्रेता और फार्मासिस्ट एकजुट रहे.
