पशु चिकित्सालय में लटका ताला, मवेशियों के इलाज को तरस रहे हैं ग्रामीण

मवेशियों के इलाज के लिए आने वाले ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है

कुनौली. कुनौली स्थित प्रथम वर्गीय पशु चिकित्सालय इन दिनों बदहाली और उपेक्षा का जीता-जागता उदाहरण बन गया है. यहां हमेशा ताला लटका रहता है, जिससे मवेशियों के इलाज के लिए आने वाले ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. ग्रामीणों ने बताया कि जब भी वे अपने बीमार मवेशियों का इलाज कराने अस्पताल पहुंचते हैं, तो या तो चिकित्सक नदारद रहते हैं या परिसर पर ताला लटका मिलता है. मजबूरी में पशुपालकों को ग्रामीण चिकित्सकों से इलाज कराना पड़ता है, जिससे मवेशियों की जान जोखिम में पड़ जाती है. लोगों का आरोप है कि सरकार की ओर से इस चिकित्सालय को नियमित दवाइयां मुहैया कराई जाती हैं, लेकिन जब अस्पताल ही बंद रहता है तो दवाएं कहां जाती हैं, इसका कोई जवाब नहीं मिलता. सरकारी संसाधन केवल कागजों तक सिमटकर रह गए हैं. स्थानीय लोगों ने स्थायी मिलीभगत का आरोप लगाते हुए बताया कि अस्पताल का उपयोग अब मवेशियों के इलाज के बजाय भूसा और जलावन रखने के लिए किया जा रहा है. पूरे परिसर में गंदगी फैली रहती है, और चिकित्सा शेड अब गोदाम में तब्दील हो चुका है. बोले चिकित्सक जब इस विषय में चिकित्सक डॉ खगेश से मोबाइल पर संपर्क किया गया, तो उन्होंने कहा, स्टाफ की भारी कमी है, और मुझे अक्सर जिला मीटिंग या अन्य कार्यक्रमों में बुला लिया जाता है. मैं तो उपस्थित रहता हूं. वहीं जब इस स्थिति को लेकर जिला पशुपालन पदाधिकारी प्रमोद कुमार से संपर्क किया गया, तो उन्होंने खुद को मीटिंग में बताते हुए बात करने से इनकार कर दिया.

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