Supaul News: सुपौल जिले के भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र स्थित कुनौली के प्राचीन बाबा खुटेश्वर नाथ महादेव मंदिर परिसर में शिव पुराण कथा के शुभारंभ से पहले श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला. गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर बुधवार को लगभग 100 कन्याओं की भागीदारी के साथ भव्य कलश यात्रा निकाली गई. पूरे क्षेत्र में हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष गूंजते रहे, जबकि ढोल-नगाड़ों की धुन और धार्मिक उत्साह ने वातावरण को पूरी तरह शिवमय बना दिया.
यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र की साझा सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपरा का जीवंत उदाहरण भी बन गया. मंदिर परिसर में नौ दिनों तक चलने वाली शिव पुराण कथा और प्रतिदिन होने वाले रुद्राभिषेक को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है.
रंग-बिरंगे वस्त्रों में सजी 100 कन्याओं ने निकाली भव्य कलश यात्रा
कलश यात्रा की शुरुआत बाबा खुटेश्वर नाथ महादेव मंदिर परिसर से हुई.
सभी कन्याएं नए रंग-बिरंगे वस्त्रों में सिर पर कलश लेकर शोभायात्रा में शामिल हुईं. यात्रा ढोल-नगाड़ों, भक्ति गीतों और पुलिस प्रशासन की निगरानी में मंदिर परिसर से निकलकर कोशी प्रोजेक्ट, थाना, पश्चिम टोला, कुनौली बाजार, भन्सार, बेरिया घाट और बथनाहा होते हुए कोशी नदी तक पहुंची.
कोशी नदी से जल भरकर कथा स्थल तक पहुंचीं श्रद्धालु
कोशी नदी पहुंचने के बाद सभी कन्याओं और श्रद्धालुओं ने विधि-विधान के साथ जल भरा.
इसके बाद जल से भरे कलश लेकर श्रद्धालु सीधे बाबा खुटेश्वर नाथ महादेव मंदिर स्थित कथा स्थल तक पहुंचे, जहां शिव पुराण कथा के शुभारंभ की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं.
नौ दिनों तक होगा रुद्राभिषेक और शिव पुराण कथा
मंदिर के पुजारी रमाकांत गिरी ने बताया कि शिव पुराण कथा नौ दिनों तक लगातार मंदिर परिसर में आयोजित की जाएगी.
प्रतिदिन सुबह 7 बजे से 9 बजे तक विद्वान पंडितों द्वारा बाबा खुटेश्वर नाथ का रुद्राभिषेक किया जाएगा. इसके बाद शिव पुराण कथा का वाचन होगा, जिसमें भारत और नेपाल दोनों देशों के बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है.
आकर्षक पंडाल बना श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण
शिव पुराण कथा को लेकर मंदिर परिसर में विशेष पंडाल तैयार किया गया है.
दूर-दराज से आए कलाकारों ने पंडाल को आकर्षक डिजाइन और सजावटी संरचनाओं से सजाया है. धार्मिक आयोजन को भव्य स्वरूप देने के लिए मंच, प्रकाश व्यवस्था और श्रद्धालुओं के बैठने की व्यापक व्यवस्था की गई है.
पुलिस और स्वयंसेवकों ने संभाली व्यवस्था
कलश यात्रा को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती की गई थी.
पूरे मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी गई, जबकि स्वयंसेवकों ने श्रद्धालुओं के मार्गदर्शन, भीड़ प्रबंधन और अन्य व्यवस्थाओं में सक्रिय भूमिका निभाई.
Supaul News: सावन में कथा का विशेष महत्व
मंदिर के पुजारी रमाकांत गिरी ने कहा कि सावन के पावन महीने में जनसहयोग से इस शिव पुराण कथा का आयोजन किया गया है.
उन्होंने बताया कि नौ दिनों तक नियमित रुद्राभिषेक, पूजा, आरती और कथा वाचन होगा. उनके अनुसार जो श्रद्धालु श्रद्धा के साथ शिव पुराण कथा सुनते हैं, उनका जीवन आध्यात्मिक दृष्टि से समृद्ध होता है और भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है.
कुनौली का यह आयोजन एक बार फिर यह दिखाता है कि सीमा क्षेत्र के धार्मिक स्थल केवल पूजा-अर्चना के केंद्र नहीं, बल्कि सांस्कृतिक एकता, सामाजिक सहयोग और साझा आस्था की मजबूत कड़ी भी हैं.
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