Kosi River Water Level: नेपाल में मानसून के सक्रिय होने का असर अब बिहार की कोसी नदी पर भी दिखने लगा है. रविवार से नेपाल के पहाड़ी और तराई क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण बराहक्षेत्र में पानी का बहाव तेजी से बढ़ रहा है. इसका सीधा असर कोसी नदी के जलस्तर पर पड़ने की संभावना जताई जा रही है. जल संसाधन विभाग और कोसी बराज कंट्रोल रूम लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं.
सोमवार सुबह जारी आंकड़ों के अनुसार बराहक्षेत्र का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. अधिकारियों का मानना है कि यदि नेपाल में बारिश का यही सिलसिला जारी रहा तो अगले कुछ घंटों में कोसी नदी के जलस्तर में और वृद्धि हो सकती है.
दो घंटे में तेजी से बढ़ा बराहक्षेत्र का जलस्तर
कोसी बराज स्थित कंट्रोल रूम के अनुसार सोमवार सुबह 6 बजे बराहक्षेत्र में जल प्रवाह 99,500 क्यूसेक दर्ज किया गया. महज दो घंटे बाद सुबह 8 बजे यह बढ़कर 1,03,250 क्यूसेक पहुंच गया. यह जलप्रवाह बढ़ते क्रम में दर्ज किया गया है.
वहीं सोमवार सुबह कोसी नदी का जलस्तर 1,32,495 क्यूसेक बढ़ते क्रम में रिकॉर्ड किया गया.
Kosi River Water Level: कोसी बराज के 15 फाटक खोले गए
बढ़ते जलप्रवाह को देखते हुए कोसी बराज के 15 फाटक खोल दिए गए हैं, ताकि अतिरिक्त पानी की निकासी सुचारु रूप से हो सके.
जल संसाधन विभाग स्थिति पर लगातार निगरानी रखे हुए है. विभाग का कहना है कि फिलहाल हालात नियंत्रण में हैं, लेकिन नेपाल में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए चौकसी बढ़ा दी गई है.
क्या इस मानसून का सबसे अधिक जलस्तर दर्ज होगा?
अधिकारियों के अनुसार यदि बराहक्षेत्र में जलप्रवाह इसी तरह बढ़ता रहा तो सोमवार को इस बाढ़ अवधि का अब तक का सबसे अधिक जलस्तर दर्ज हो सकता है.
हालांकि इस वर्ष अब तक का सर्वाधिक जलप्रवाह 22 जून को रिकॉर्ड किया गया था. उस दिन बराहक्षेत्र में 1,23,500 क्यूसेक और कोसी नदी में 1,86,385 क्यूसेक जलप्रवाह दर्ज किया गया था. उस समय कोसी बराज के 22 फाटक खोलने पड़े थे.
तटबंधों पर 24 घंटे निगरानी
जल संसाधन विभाग ने बताया कि संभावित स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं.
तटबंधों पर विभागीय अभियंताओं और फ्लड प्रोटेक्शन फोर्स की टीमें 24 घंटे निगरानी कर रही हैं. सभी स्पर, स्टड और बाढ़ सुरक्षा संरचनाओं की नियमित जांच की जा रही है. विभाग के अनुसार फिलहाल सभी संरचनाएं सुरक्षित हैं और किसी प्रकार की आपात स्थिति नहीं है.
हालांकि नदी के जलस्तर में संभावित वृद्धि को देखते हुए संबंधित अधिकारियों को सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है.
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