किशनपुर (सुपौल) से जीवछ की रिपोर्ट
कोसी नदी के जलस्तर में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव से तटबंध के अंदर बसे गांवों में कटाव का खतरा बढ़ गया है. बेला गोठ सहित कई गांवों में नदी का कटाव तेज होने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है. कई परिवार सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने लगे हैं.
कई गांवों में शुरू हुआ कटाव
दिघिया, दुबियाही, मौजहा, सुजानपुर सहित आधा दर्जन से अधिक गांवों में विभिन्न स्थानों पर नदी का कटाव शुरू हो गया है. स्थानीय लोगों को अपने घर और जमीन नदी में समाने का डर सता रहा है.
प्रशासनिक कार्रवाई नहीं हुई तो गांवों के अस्तित्व पर संकट
मौजहा गांव के रमेश यादव, सुधीर यादव, पप्पू कुमार, संतोष कुमार सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि इस बार कोसी नदी का दबाव पूर्वी दिशा की ओर अधिक है. इसके कारण मौजहा-दुबियाही पंचायत सहित एक दर्जन से अधिक गांव खतरे की जद में हैं. ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते प्रभावी कटावरोधी उपाय नहीं किए तो कई गांवों का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है.
बेला गोठ में 40 परिवार हो चुके हैं विस्थापित
बेला गोठ गांव में कोसी का कटाव लगातार जारी है. यहां अब तक करीब 40 परिवार अपने घरों को तोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जा चुके हैं. वहीं तीन दर्जन से अधिक परिवारों के घर अभी भी कटाव की जद में हैं और उन पर नदी का खतरा बना हुआ है.
पाइलिंग के बावजूद नहीं थम रहा कटाव
ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन द्वारा कराई गई बांस-बल्ली की पाइलिंग कटाव रोकने में प्रभावी साबित नहीं हो रही है. पाइलिंग के बावजूद नदी तेजी से किनारा काट रही है, जिससे लोगों की चिंता बढ़ गई है.
कटाव स्थल पर जारी है कार्य
प्रभारी अंचलाधिकारी मो. जियाउल कमर ने बताया कि नदी के जलस्तर में लगातार उतार-चढ़ाव हो रहा है. उन्होंने कहा कि कटाव प्रभावित स्थल पर विभाग की ओर से आवश्यक कार्य कराया जा रहा है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है.
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