साइबर थाना की कार्रवाई से पीड़िता को मिला न्याय, 2.89 लाख की फर्जी निकासी की राशि हुई वापस

सीएसपी आईडी रद्द कराने की प्रक्रिया जारी

सुपौल. साइबर थाना द्वारा त्वरित कार्रवाई कर फर्जी निकासी के मामले में पीड़िता को उसकी पूरी राशि वापस दिलाई गई है. यह मामला सात जुलाई 2025 को सामने आया, जब वादिनी बीबी हसीना ने स्थानीय थाना में आवेदन देकर अपने बैंक खाते से 2 लाख 89 हजार 672 की फर्जी निकासी की शिकायत दर्ज कराई. आवेदन प्राप्त होने के बाद साइबर थाना, सुपौल ने गंभीरता से संज्ञान लेते हुए कांड संख्या 21/25, दिनांक 07 जुलाई 2025 के तहत धारा 303(2)/318(4) बीएनएस एवं 66(सी)/66(डी) आईटी एक्ट के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज की. अनुसंधान पदाधिकारी पुनि प्रजेश कुमार दुबे द्वारा तत्परता से खाता विवरण की जांच व तकनीकी अनुसंधान करते हुए सीएसपी संचालक अजीत कुमार (पिता- देवेन्द्र सिंह, ग्राम परसौनी, थाना व जिला सुपौल) को संदिग्ध के रूप में चिह्नित किया गया. पूछताछ के क्रम में सीएसपी संचालक अजीत कुमार ने अपने द्वारा की गई फर्जी निकासी की बात स्वीकार की. इसके बाद उसने 02 लाख 89 हजार 672 रुपये वादिनी के घर जाकर लौटा दी. वादिनी ने स्वयं थाना में उपस्थित होकर पूरी राशि वापस मिलने की पुष्टि की. सीएसपी आईडी रद्द कराने की प्रक्रिया जारी इस पूरे प्रकरण में साइबर थाना की तत्परता और पेशेवर कार्यशैली से पीड़िता को शीघ्र न्याय मिला. वहीं, आरोपित सीएसपी संचालक की आईडी रद्द कराने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है और अग्रिम कानूनी कार्रवाई जारी है.

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