पीएचसी में आशा फेसिलिटेटर चयन विवाद की जांच पूरी

उन्होंने आरोप लगाया था कि नवचयनित आशा फेसिलिटेटर सुनीता कुमारी का चयन गैरकानूनी एवं मनमाने तरीके से किया गया है

त्रिवेणीगंज. प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र त्रिवेणीगंज अंतर्गत आशा फेसिलिटेटर चयन प्रक्रिया में अनियमितता की शिकायत पर गुरुवार को तीन सदस्यीय जांच टीम ने मौके पर पहुंचकर मामले की विस्तृत जांच की. जांच टीम ने चयन प्रक्रिया को पूरी तरह नियमित और पारदर्शी बताया है. इस जांच टीम में जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ चंदन कुमार, जिला अनुश्रवण एवं मूल्यांकन पदाधिकारी डॉ शशि भूषण प्रसाद और जिला समन्वयक सह योजना पदाधिकारी डॉ बालकृष्ण चौधरी शामिल थे. जांच के दौरान शिकायतकर्ता आशा कार्यकर्ता एवं चयनित आशा फेसिलिटेटर को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की गई. टीम ने दस्तावेजों की गहन जांच के साथ-साथ चयन प्रक्रिया से जुड़े सभी तथ्यों को खंगाला. टीम के अनुसार, नए परिसीमन के तहत चयन पूर्व निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार किया गया. चयन प्रक्रिया की सूचना 30 से 45 दिन पहले बोर्ड पर प्रकाशित की गई थी और सभी आशा कार्यकर्ताओं को समय पर जानकारी दी गई थी. जांच रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि चयन प्रक्रिया के दौरान सभी आवेदन जिला स्तरीय पदाधिकारियों की निगरानी में प्राप्त किए गए और पूर्ण पारदर्शिता के साथ चयन किया गया. चयन प्रक्रिया के समय सभी संबंधित आशा कार्यकर्ता भी मौके पर उपस्थित थी. यह जांच, सिमरिया पंचायत के केंद्र संख्या 03 की आशा कार्यकर्ता बेबी भारती द्वारा की गई शिकायत के आधार पर की गई थी. उन्होंने आरोप लगाया था कि नवचयनित आशा फेसिलिटेटर सुनीता कुमारी का चयन गैरकानूनी एवं मनमाने तरीके से किया गया है. जांच के दौरान प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ सुमन कुमारी और ब्लॉक हेल्थ मैनेजर एस अदीब अहमद भी उपस्थित रहे.

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