निर्मली (सुपौल) से भागवत कुमार की रिपोर्ट
International Yoga Day 2026: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को व्यवहार न्यायालय निर्मली परिसर में विशेष योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में सिविल कोर्ट के न्यायाधीश भवेश कुमार, स्थानीय अधिवक्ताओं, न्यायालय के अधिकारियों और कर्मियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. इस दौरान सभी प्रतिभागियों ने योगासन और प्राणायाम का अभ्यास कर नियमित योग को जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया.
जब न्यायालय परिसर बना योग का केंद्र
योग दिवस के अवसर पर सिविल कोर्ट परिसर पूरी तरह योगमय नजर आया. कार्यक्रम में मौजूद न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं और कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास किया. योग प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में प्रतिभागियों ने स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन के लिए योग के महत्व को समझा.
‘योग सिर्फ व्यायाम नहीं, जीवन जीने की पद्धति’
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए न्यायाधीश भवेश कुमार ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने की एक प्रभावी पद्धति है. उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास से शरीर स्वस्थ रहता है, मानसिक तनाव कम होता है और व्यक्ति की कार्यक्षमता तथा एकाग्रता में वृद्धि होती है.
उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में योग की प्रासंगिकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है. ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति को अपने दैनिक जीवन में योग को शामिल करना चाहिए.
तनावमुक्त जीवन के लिए योग है जरूरी
कार्यक्रम के दौरान योग के महत्व पर विस्तार से चर्चा की गई. वक्ताओं ने कहा कि स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन के लिए योग सबसे सरल और प्रभावी माध्यम है. योग न केवल बीमारियों से बचाता है, बल्कि व्यक्ति को सकारात्मक सोच और अनुशासित जीवनशैली अपनाने के लिए भी प्रेरित करता है.
International Yoga Day 2026: योग दिवस ने दिया स्वास्थ्य और अनुशासन का संदेश
योग दिवस के इस आयोजन ने स्वास्थ्य, अनुशासन और सकारात्मक जीवनशैली का संदेश दिया. कार्यक्रम के माध्यम से सभी प्रतिभागियों को नियमित योग करने के लिए प्रेरित किया गया. इस अवसर पर भोला प्रसाद, हरे कृष्ण यादव, प्रदीप कुमार भारती, चंद्रमोहन यादव, सत्यनारायण मंडल, रामनरेश यादव, सूर्यनारायण कामत, रोशन कुमार गुप्ता, सुधीर कुमार सहित कई लोग उपस्थित रहे.
