Supaul Weather: सुपौल जिले में पिछले तीन-चार दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है. तेज धूप और उमस से परेशान लोगों को बड़ी राहत मिली है, वहीं किसानों के लिए यह बारिश उम्मीद लेकर आई है. खेतों में पर्याप्त नमी पहुंचने से धान की रोपनी तेज हो गई है और खरीफ फसलों की खेती को नई रफ्तार मिली है.
हालांकि इस बारिश का दूसरा पहलू भी सामने आया है. शहर से लेकर गांव तक कई जगह जल निकासी की व्यवस्था कमजोर होने के कारण सड़कों और गलियों में पानी जमा हो गया है. इससे लोगों को रोजमर्रा के कामकाज और आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
धान की खेती के लिए राहत बनकर आई बारिश
किसानों का कहना है कि समय पर हुई बारिश धान की खेती के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो रही है. जिन खेतों में अब तक पर्याप्त पानी नहीं था, वहां भी अब रोपनी का काम शुरू हो गया है.
बारिश से खेतों में नमी बढ़ने के कारण किसानों को सिंचाई पर अतिरिक्त खर्च नहीं करना पड़ेगा. इससे खेती की लागत कम होने की उम्मीद है. किसानों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में भी सामान्य अंतराल पर बारिश होती रही तो इस वर्ष खरीफ फसलों का उत्पादन बेहतर हो सकता है.
Supaul Weather: गर्मी और उमस से मिली बड़ी राहत
लगातार हो रही बारिश के कारण जिले के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है. सुबह और शाम के समय मौसम सुहावना हो गया है. पिछले कई दिनों से भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोग अब राहत महसूस कर रहे हैं.
बारिश के बाद ठंडी हवाओं ने मौसम को और भी खुशनुमा बना दिया है, जिससे लोग खुले वातावरण का आनंद ले रहे हैं.
शहर में जलजमाव बना बड़ी चुनौती
जहां बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आई है, वहीं शहर के कई इलाकों में जलजमाव लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है. जिला मुख्यालय के कई मोहल्लों और प्रमुख सड़कों पर पानी जमा होने से यातायात प्रभावित हो रहा है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण हर बारिश के बाद यही स्थिति बन जाती है. सड़क पर भरे पानी के कारण लोगों को आने-जाने में काफी दिक्कत हो रही है.
दोपहिया चालकों और स्कूली बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी
बारिश के कारण कई सड़कों पर फिसलन बढ़ गई है. पानी में छिपे गड्ढों के कारण दोपहिया वाहन चालकों को दुर्घटना का खतरा बना हुआ है.
ग्रामीण क्षेत्रों में भी कई संपर्क मार्गों पर पानी भर गया है. स्कूल जाने वाले बच्चों, किसानों और दैनिक कार्यों के लिए निकलने वाले लोगों को कीचड़ और जलजमाव के बीच होकर गुजरना पड़ रहा है.
आगे भी बारिश रही तो खेती को होगा फायदा
कृषि से जुड़े जानकारों का कहना है कि खरीफ फसलों के लिए जुलाई का महीना बेहद महत्वपूर्ण होता है. यदि आने वाले दिनों में भी संतुलित बारिश होती रही तो धान सहित अन्य खरीफ फसलों के उत्पादन पर इसका सकारात्मक असर पड़ेगा.
वहीं लोगों का कहना है कि बारिश के साथ-साथ जल निकासी व्यवस्था में भी सुधार जरूरी है, ताकि राहत देने वाली बारिश लोगों के लिए परेशानी का कारण न बने.
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