गर्मी का कहर: 38 डिग्री पर पहुंचा पारा, फिलहाल मौसम बदलने का नहीं है अनुमान, लू व हीट वेव का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों तक तापमान में और वृद्धि होने के साथ ही गर्म लू एवं हीट वेव का प्रभाव जारी रहने की संभावना है
– उमस भरी गर्मी से जनजीवन बेहाल
– बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह
सुपौल.
जिले में पिछले पांच दिनों से पड़ रही चिलचिलाती धूप और उमस भरी गर्मी ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है. लगातार बढ़ते तापमान के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है. गुरुवार को जिले का अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों तक तापमान में और वृद्धि होने के साथ ही गर्म लू एवं हीट वेव का प्रभाव जारी रहने की संभावना है.
सुबह से ही झुलसा रही धूप
सुबह होते ही सूर्य की तेज किरणें लोगों को परेशान करने लगती हैं. धूप निकलने के बाद लोग घरों से बाहर निकलने से परहेज कर रहे हैं. आवश्यक कार्यों से बाहर निकले लोग भी छांव की तलाश में इधर-उधर भटकते नजर आ रहे हैं. कड़ी धूप के कारण बाजार आने वाले लोग छायादार स्थानों पर बैठकर दिन ढलने का इंतजार कर रहे हैं. सड़क किनारे स्थित दुकानों और शेड वाले स्थानों पर लोगों की भीड़ बढ़ गई है. सबसे अधिक परेशानी उन महिलाओं को हो रही है जो छोटे बच्चों के साथ बाजार पहुंच रही हैं. उन्हें खुद के साथ-साथ बच्चों को भी तेज धूप और गर्मी से बचाने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है.
घरों में भी नहीं मिल रही राहत
उमस भरी गर्मी के कारण घरों के अंदर बैठे लोग भी परेशान हैं. बिजली कटौती और गर्म हवाओं ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं. दिनभर लोग पंखे और कूलर के सहारे गर्मी से राहत पाने की कोशिश कर रहे हैं.
गर्मी में लोगों की पहली पसंद बना गन्ने का रस
भीषण गर्मी के बीच गन्ने का रस लोगों के लिए राहत का साधन बन गया है. स्वादिष्ट होने के साथ-साथ यह स्वास्थ्य के लिए भी काफी लाभकारी माना जाता है. गन्ने के रस में मौजूद पोटैशियम पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है तथा पेट संबंधी संक्रमणों से बचाने में मदद करता है. यह कब्ज की समस्या को दूर करने में भी सहायक है. चिकित्सक पीलिया रोगियों को विशेष रूप से गन्ने का रस पीने की सलाह देते हैं. शहर में कच्चे नारियल की दुकानों पर भी लोगों की भीड़ देखी जा रही है. विशेषकर महिलाएं नारियल पानी की ओर अधिक आकर्षित हो रही हैं, क्योंकि यह शरीर को ठंडक पहुंचाने के साथ-साथ डिहाइड्रेशन से भी बचाता है.
मौसम वैज्ञानिक की चेतावनी
मौसम वैज्ञानिक देवन कुमार चौधरी ने बताया कि जिले में अधिकतम तापमान 38 डिग्री और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है. फिलहाल मौसम में बदलाव की कोई संभावना नहीं दिख रही है. उन्होंने लोगों से दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचने और हीट वेव से सुरक्षा के उपाय अपनाने की अपील की है.
चिकित्सक ने दी सावधानी बरतने की सलाह
चिकित्सक डॉ आरसी मंडल ने बताया कि हीट वेव और लू मानव एवं पशु जीवन दोनों के लिए खतरनाक साबित हो सकती है. सामान्य रूप से मानव शरीर का तापमान 37 डिग्री सेल्सियस होता है, लेकिन 40 डिग्री से ऊपर पहुंचने पर शरीर में इलेक्ट्रोलाइट की कमी होने लगती है. इससे अत्यधिक पसीना निकलता है और डिहाइड्रेशन की आशंका बढ़ जाती है. बताया कि हीट वेव के प्रमुख लक्षणों में कमजोरी, थकान, चक्कर आना, सिरदर्द, मतली, उल्टी, मांसपेशियों में ऐंठन और अत्यधिक पसीना आना शामिल है. गंभीर स्थिति में लू लगने से शरीर में अकड़न, सूजन, बेहोशी और तेज बुखार भी हो सकता है.
हीट वेव से बचाव के उपाय
– दोपहर 11 बजे से 4 बजे तक धूप में निकलने से बचें- पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थ का सेवन करें- नारियल पानी, गन्ने का रस और ओआरएस का उपयोग करें- धूप में निकलते समय छाता, टोपी या गमछे का प्रयोग करें- बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों का विशेष ध्यान रखें- लू के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें