ओटीपी लेने के बाद भी किसानों को नहीं मिला मसूर का बीज

बीज वितरण केन्द्र संचालक पर लगाया मसूर बीज की कालाबाजारी करने का आरोप

आक्रोशित किसानों ने बीज वितरण में अनियमितता के खिलाफ किया प्रदर्शन बीज वितरण केन्द्र संचालक पर लगाया मसूर बीज की कालाबाजारी करने का आरोप त्रिवेणीगंज. नगर परिषद क्षेत्र के कोसी कॉलोनी चौक के पास बीज वितरण में अनियमितता के खिलाफ किसानों का गुस्सा फूट गया. बुधवार की शाम आक्रोशित किसानों ने बीज वितरण केन्द्र पहुंच कर संचालक के खिलाफ प्रदर्शन किया. इस दौरान किसानों ने बीज वितरण केन्द्र के संचालक के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. किसानों का कहना था कि उनसे मसूर दाल के बीज के नाम पर ओटीपी लेकर वितरण केंद्र संचालक ने उनके नाम से बीज का उठाव तो कर लिया, लेकिन अब तक उन्हें बीज नहीं दिया गया. किसान रिंकू देवी, कागो देवी, जितनी देवी, उर्मिला देवी, रीना देवी, कंचन देवी, कविता देवी, विभा देवी, अरुणिया देवी, पार्वती देवी, सजनी देवी, रेखा देवी, अनिता देवी, प्रियंका देवी, आरती देवी, सुकराती सरदार, बालकृष्ण कुमार, देवानंद सरदार आदि का कहना था कि उनसे दो दिन पहले प्रति किसान 16 किलोग्राम मसूर का बीज देने के नाम पर ओटीपी लिया गया था, लेकिन बुधवार को जब वे बीज लेने पहुंचे तो पूरे दिन प्रतीक्षा कराने के बाद शाम को वितरण केंद्र संचालक ने उन्हें यह कहकर बीज देने से मना कर दिया कि आपलोग पहले ही मसूर का बीज प्राप्त कर चुके हैं. किसानों का कहना था कि वितरण केंद्र संचालक ने उनकी जानकारी के बिना ही उनके नाम से बीज का उठाव कर लिया और बाद में उसे कालाबाजारी कर बेच दिया. उनका कहना था जब हमने बीज का उठाव ही नहीं किया तो हमारे नाम से बीज कैसे उठाया गया. विरोध कर रहे किसानों में से कुछ किसानों का यह भी आरोप था कि जब उन्होंने केंद्र संचालक से जवाब मांगा तो उसने कुछ किसानों को 16 किलो के बदले केवल 8 किलो मसूर का बीज देने का प्रलोभन दिया. केन्द्र संचालक ने कहा कि किसान निधि की राशि हर महीने आपके खाते में आती है, इसलिए शेष बीज आप खरीद सकते हैं, लेकिन किसानों ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया. इसके बाद नाराज किसान एकजुट होकर प्रखंड कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों से इसकी शिकायत करने की कोशिश की. हालांकि उस समय शाम होने के कारण कोई अधिकारी मौजूद नहीं थे. किसानों ने कहा कि यदि प्रशासन जल्द जांच कर कार्रवाई नहीं करता है तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को बाध्य होंगे. किसानों की मांग है कि मसूर के बीज वितरण की पूरी प्रक्रिया की जांच की जाए और जिन किसानों से ओटीपी लेकर उनके नाम से बीज का उठाव किया गया है,उन्हें तत्काल बीज उपलब्ध कराया जाए. साथ ही दोषी वितरण केंद्र संचालक पर सख्त कार्रवाई की जाए. उधर, बीज वितरण केंद्र संचालक ने कहा कि यहां बायोमेट्रिक होता है जो किसान आए हैं उनका सूची दे देंगे. सारा ऑनलाइन है पंचायत में मात्र 10 क्विंटल 56 किलो का टारगेट था जो हमने सेल कर दिया है. विरोध कर रहे किसान उससे ज्यादा एक्स्ट्रा में हैं.

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