पेंशनर समाज की बैठक में सरकार की नीतियों पर जताया असंतोष

दो महीने में मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी

-दो महीने में मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी सुपौल. बिहार पेंशनर समाज, जिला शाखा सुपौल की सामान्य परिषद की बैठक गुरुवार को बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ कार्यालय में सम्पन्न हुई. बैठक की अध्यक्षता सभापति मदनेश्वर झा ने की. बैठक में सर्वसम्मति से विधान परिषद सदस्य अजय कुमार सिंह और विधायक राम विलास कामत की प्रशंसा की गई. दोनों जनप्रतिनिधियों ने सुपौल में पेंशनर समाज भवन निर्माण के लिए जिला प्रशासन को अनुशंसा पत्र भेजा है. पेंशनर समाज ने उनकी राजनीतिक कार्यकुशलता और जनसेवा की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की. साथ ही, बैठक में केंद्र और राज्य सरकार की पेंशनर विरोधी नीतियों पर गहरा असंतोष व्यक्त किया गया. बैठक में पेंशनरों ने कोरोना काल में काटी गई तीन किस्त महंगाई भत्ता का एकमुश्त भुगतान, कोरोना के नाम पर बंद की गई ट्रेन, जहाज और सरकारी बसों में 50 प्रतिशत किराया छूट की तत्काल बहाली, पेंशनरों के आयुष्मान कार्ड निर्गत करने की उम्र सीमा 70 वर्ष से घटाकर 60 वर्ष करना एवं 80 वर्ष पर मिलने वाली 20 प्रतिशत पेंशन वृद्धि को 05 वर्ष की अवधि पर लागू करने की मांग की. जिला सचिव माधव प्रसाद सिंह ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह पेंशन भुगतान पर गलत आंकड़े पेश कर आम जनता में पेंशनभोगियों के प्रति नफरत और भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा कि यदि पेंशन भुगतान वास्तव में कार्यरत कर्मचारियों के वेतन से अधिक है, तो सबसे पहले सांसदों और विधायकों को मिलने वाली एकाधिक पेंशन पर रोक लगाई जाए. बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि यदि दो महीने के भीतर सभी संवैधानिक और मूलभूत मांगें पूरी नहीं की गईं, तो पेंशनर समाज रोषपूर्ण आंदोलन शुरू करेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी केंद्र और राज्य सरकार की होगी.

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