उपभोक्ता अधिकारों के संरक्षण व जागरूकता पर दिया गया जोर

जिला उपभोक्ता संरक्षण परिषद पहली बैठक डीएम सावन कुमार की अध्यक्षता में आयोजित की गयी.

जिला उपभोक्ता संरक्षण परिषद, सुपौल की पहली बैठक आयोजित सुपौल. जिला उपभोक्ता संरक्षण परिषद पहली बैठक डीएम सावन कुमार की अध्यक्षता में आयोजित की गयी. बैठक में बताया गया कि उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के अंतर्गत जिला उपभोक्ता संरक्षण परिषद एक सलाहकारी परिषद है. जो उपभोक्ताओं को प्रदत्त अधिकारों के संवर्धन व संरक्षण में आ रही कठिनाइयों तथा उनके समाधान के संबंध में राज्य सरकार को परामर्श देती है. अधिनियम के तहत उपभोक्ताओं को छह प्रमुख अधिकार प्रदान किए गए हैं. जिनमें जीवन व संपत्ति के लिए खतरनाक वस्तुओं, सेवाओं के विपणन के विरुद्ध सुरक्षा, वस्तुओं व सेवाओं की गुणवत्ता, मात्रा, शुद्धता, मानक व मूल्य की सूचना का अधिकार, प्रतिस्पर्धात्मक मूल्य पर वस्तुओं, सेवाओं की उपलब्धता का अधिकार, उपयुक्त मंच पर उपभोक्ता की सुनवाई व विचार का अधिकार, अनुचित/प्रतिबंधित व्यापार पद्धतियों के विरुद्ध राहत का अधिकार तथा उपभोक्ता जागरूकता का अधिकार शामिल है. बैठक में उपस्थित सदस्यों ने बताया कि वर्तमान समय में उपभोक्ताओं को डिजिटल भुगतान में धोखाधड़ी, साइबर हैकिंग, नकली व मिलावटी सामान, सोना-चांदी की खरीद में ठगी, बिना मानक वाले उत्पादों की बिक्री, बीमा भुगतान में देरी, बिजली बिल में गड़बड़ी, अस्पतालों में लापरवाही तथा भ्रामक विज्ञापनों जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. जिससे उपभोक्ता स्वयं को ठगा हुआ महसूस करते हैं. मिठाइयों व पनीर की गुणवत्ता को लेकर किया जाये जागरूक इन समस्याओं के समाधान हेतु उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग का प्रावधान किया गया है. जिला स्तर पर 50 लाख रुपये तक के वस्तुओं व सेवाओं से संबंधित मामलों की सुनवाई की जाती है. अब तक सुपौल जिले में कुल 1164 परिवाद दर्ज हुए हैं. इनमें से 1045 मामलों का निष्पादन हो चुका है, जबकि 119 मामलों की सुनवाई जारी है. बताया गया कि उपभोक्ता www.e-dakhil.nic.in के माध्यम से ऑनलाइन परिवाद भी दर्ज कर सकते हैं. 50 लाख रुपये से अधिक के मामलों की सुनवाई राज्य आयोग तथा 2 करोड़ रुपये से अधिक के मामलों की सुनवाई राष्ट्रीय आयोग द्वारा की जाती है. बैठक में डीएम ने निर्देश दिया कि उपभोक्ता अधिकारों के प्रति व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाये. विशेषकर प्रमुख त्योहारों के समय कृत्रिम रंगों के स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव, खुले बाजार में बिकने वाली मिठाइयों व पनीर की गुणवत्ता, खाद्य पदार्थों की सुरक्षित व गुणवत्तापूर्ण बिक्री, सब्जियों व खाद्यान्न में मिलावट जैसे विषयों पर आमजन को जागरूक करने पर विशेष ध्यान दिया जाये. बैठक में डीडीसी, डीईओ, जिला असैनिक शल्य चिकित्सक-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला कल्याण पदाधिकारी, डीएओ, महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र, डीपीओ (आईसीडीएस) माप-तौल निरीक्षक, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक के साथ-साथ दो मनोनीत सदस्य निशा कुमारी व कन्हैया कुमार चौधरी ने भाग लिया.

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By RAJEEV KUMAR JHA

RAJEEV KUMAR JHA is a contributor at Prabhat Khabar.

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