डॉक्टर के कक्ष में बाहरी लड़की रोगियों का देख रही थी पूर्जा, प्रभारी उपाधीक्षक से पूछा स्पष्टीकरण

डॉ शैलेन्द्र दीपक की जगह एक बाहरी लड़की डॉक्टर नहीं और ना ही उसे रोगियों की पर्ची देखने का आदेश सिविल सर्जन से मिला है.

– वीरपुर अनुमंडलय अस्पताल से जुड़ा है मामला वीरपुर अनुमंडल अस्पताल के डॉक्टर शैलेन्द्र दीपक लगातार विवादों में घिरते नजर आ रहें हैं. 22 मई को उन्हें प्रभारी उपाधीक्षक के पद से हटाया गया. नये प्रभारी उपाधीक्षक डॉ सुशील कुमार को बनाया गया. बताया जाता है कि सोमवार को डॉ शैलेन्द्र दीपक के कक्ष में एक बाहरी लड़की उनके लेपटॉप से रोगियों की पर्ची देख रही थी. इसकी सूचना जब प्रभारी उपाधीक्षक डॉ सुशील कुमार को मिली तो वह मौके पर पहुंचे. उन्होंने जब उस लड़की को लेपटॉप पर पर्ची देखते पाया तो पूछताछ की. इस पर लड़की कोई जवाब नहीं दे सकी. उन्होंने तुरंत ही लड़की को डॉ शैलेन्द्र दीपक के कक्ष से हटाया. मामले को लेकर लोगों ने भी जिला स्तरीय कई पदाधिकारियों को इसकी शिकायत की. इस मामले में प्रखंड 20 सूत्री अध्यक्ष पवन कुमार मेहता ने कहा कि कि डॉ शैलेन्द्र दीपक की जगह एक बाहरी लड़की डॉक्टर नहीं और ना ही उसे रोगियों की पर्ची देखने का आदेश सिविल सर्जन से मिला है. ऐसे में जानमाल की क्षति हो सकती है. उन्होंने कहा कि यह बड़ी लापरवाही है. डॉ शैलेन्द्र दीपक ने एक बाहरी लड़की को अपना लॉगिन आईडी और पासवर्ड देकर अपने बदले में ड्यूटी करा रहे थे. अपने नाम पर मेडिसिन लिखा रहे थे. पूरा मामला सवालों के घेरे में है. ऐसे में डॉ शैलेन्द्र दीपक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. इससे पहले भी इस लड़की को डॉ शैलेन्द्र दीपक की ड्यूटी में उनके ही कक्ष में रोगियों को देखते पाया गया है. उधर, डॉ शैलेन्द्र दीपक ने कहा कि लड़की ट्रेनिंज स्टूडेंट है. एमबीबीएस कर रही है. ओपीडी में ही कार्य कर रही थी. इमरजेंसी में प्वाइजनिंग का केस आया था. वह वहां चले गए थे. इसी दौरान लेपटॉप से वह कुछ कर रही थी, रोगियों को नहीं देखा जा रहा था. उधर प्रभारी उपाधीक्षक डॉ सुशील कुमार ने बताया कि मुझे भी जानकारी मिली कि बाहरी लड़की द्वारा रोगियों को देखा जा रहा है. हालांकि यह संभव नहीं है. हर डॉक्टर का अपना लॉगिन आईडी और पासवर्ड भव्या द्वारा बना होता है. जो सिर्फ डॉक्टर के पास होता है. लड़की कौन थी और क्या थी इस बाबत डॉ शैलेन्द्र दीपक से स्पष्टीकरण पूछा गया है. उन्होंने बताया कि यदि लड़की द्वारा रोगियों का पर्ची देखा जा रहा था तो यह गंभीर मामला है. फिलहाल स्पष्टीकरण पूछा गया है.

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