आवेदन देने के बाद भी खेतों तक नहीं पहुंची बिजली

किसानों ने बीडीओ को आवेदन देकर की बिजली विभाग की शिकायत

– किसानों ने बीडीओ को आवेदन देकर की बिजली विभाग की शिकायत छातापुर. कृषि लागत को कम करने तथा उत्पादकता को बढ़ाने को लेकर सरकार ने कृषि फीडर तैयार किया है, ताकि सिंचाई व्यवस्था दुरुस्त हो और सिंचाई के लिए डीजल पर से निर्भरता को कम किया जा सके, लेकिन किसान ऑनलाइन आवेदन करने के बावजूद कृषि विद्युत कनेक्शन के लिए महीनों से कार्यालयों का चक्कर काट रहे हैं. शनिवार को जीवछपुर पंचायत के वार्ड संख्या पांच निवासी वीरेंद्र मेहता एवं उधमपुर पंचायत वार्ड संख्या पांच निवासी पंकज कुमार मेहता विभागीय लेटलतीफी की शिकायत करने प्रखंड कार्यालय पहुंचे. उन्होंने बीडीओ को अपनी परेशानियों से अवगत कराया और विद्युत कनेक्शन दिलवाने की मांग की. जीवछपुर निवासी वीरेंद्र मेहता ने बताया कि 9 दिसंबर 2024 को उन्होंने ऑनलाइन आवेदन किया था. आवेदन स्वीकृति के साथ रजिस्ट्रेशन नंबर का मैसेज भी उनके मोबाइल में आया है. करीब एक साल बीत जाने के बाद अभी तक उनके खेत तक बिजली नहीं पहुंचाई जा सकी है, यहां तक की विद्युत खंभा और संचरण लाइन भी नहीं लग पाया है. जानकारी लेने पीएसएस पहुंचने पर टाल-मटोल का रवैया अपनाया जाता है, यहां तक कि कर्मियों द्वारा शिकायत का आवेदन भी नहीं लिया जा रहा है. उधमपुर निवासी किसान पंकज कुमार मेहता की शिकायत भी करीब एक ही जैसी है. उन्होंने 8 मई को कनेक्शन के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था. आवेदन स्वीकृति का मैसेज भी प्राप्त है, लेकिन छह माह बाद भी उनके खेत तक बिजली आपूर्ति नहीं हो पाई है. कृषि कार्यालय के अनुसार 15 दिसंबर तक गेहूं फसल की बुआई का उपयुक्त समय है. बुआई के 21वें दिन हरहाल में फसल की सिंचाई करना अनिवार्य होगा. सिंचाई में विलंब होने पर फसल के पैदावार पर बुरा असर हो सकता है. उधर, विद्युत विभाग के जेई के सरकारी नंबर पर संपर्क किया गया तो मोबाइल वीरपुर जेई के पास था. उन्होंने बताया कि तीन दिसंबर तक वे प्रभार में हैं.

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