शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित

पीएम पोषण योजना की गुणवत्ता पर सख्त निर्देश

-डीएम ने छात्र प्रगति, ई-शिक्षाकोष डेटा, मध्याह्न भोजन व नामांकन को लेकर जताई चिंता सुपौल. समाहरणालय स्थित लहटन चौधरी सभागार में जिलाधिकारी सावन कुमार की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग की एक समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें बिहार शिक्षा परियोजना (समग्र शिक्षा अभियान), पीएम पोषण योजना एवं अन्य शैक्षणिक योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई. जिलाधिकारी ने सर्वप्रथम यू-डायस 2025-26 के तहत विद्यालयों द्वारा छात्र प्रगति की प्रविष्टि में हो रही ढिलाई पर चिंता व्यक्त की. 29 जुलाई 2025 तक कुल 2210 विद्यालयों में से केवल 1710 विद्यालयों द्वारा ही डेटा प्रविष्ट किया गया, जो कुल का 77.38 प्रतिशत है. जिसे पूर्ण करने के लिए सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिया गया है. ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर वर्गवार नामांकन प्रविष्टियों में विगत वर्ष की तुलना में 23 हजार 344 विद्यार्थियों की कमी दर्ज की गई है. इसे गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि कंप्यूटर शिक्षक एवं प्रधानाध्यापक के सहयोग से यह कार्य एक सप्ताह में 100 प्रतिशत पूर्ण किया जाए. जिला शिक्षा पदाधिकारी, सुपौल ने अवगत कराया कि जुलाई माह में 1774 विद्यालयों में से केवल 220 विद्यालयों का ही निरीक्षण किया गया है. जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि प्रतिदिन विद्यालयों का विभागीय मानकों के अनुसार अनुश्रवण सुनिश्चित किया जाए. समीक्षा के दौरान बताया गया कि 1340 प्रारंभिक एवं 93 माध्यमिक विद्यालयों को 50 हजार प्रति विद्यालय की दर से मरम्मत, अनुरक्षण, पेयजल, बिजली, पंखा आदि कार्यों के लिए राशि आवंटित की गई है. जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जिन विद्यालयों में पुस्तकालय के लिए रैक या अलमारी उपलब्ध नहीं है, वे इस राशि से उनका क्रय भी सुनिश्चित करें. पीएम पोषण योजना की गुणवत्ता पर सख्त निर्देश मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही है. जिलाधिकारी ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि कई विद्यालयों एवं एनजीओ द्वारा भोजन की गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दिया जा रहा, जिससे बच्चों के बीमार पड़ने की घटनाएं हो रही है. उन्होंने निर्देश दिया कि बीआरपी और पदाधिकारी योजना का नियमित अनुश्रवण करें, और यदि आवश्यक हो तो लापरवाह एनजीओ पर आर्थिक दंड लगाया जाए. कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में नामांकन शून्य कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की समीक्षा के क्रम में जिलाधिकारी ने उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय बेला टोला दोमुहान, निर्मली, उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय बलभद्रपुर, बसंतपुर, एवं मध्य विद्यालय वीणा बभनगामा, सुपौल में कक्षा 10वीं, 11वीं व 12वीं में नामांकन शून्य रहने पर गंभीर नाराजगी व्यक्त की. संबंधित प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को शीघ्र नामांकन पूर्ण कराने का निर्देश दिया गया.

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