सरकारी दर पर धान खरीद का डीएम ने की समीक्षा

कहा, धीमे पड़े समिति के लक्ष्य में कटौती कर बेहतर समिति का बढाएं लक्ष्य

– कहा, धीमे पड़े समिति के लक्ष्य में कटौती कर बेहतर समिति का बढाएं लक्ष्य सुपौल. जिले में धान खरीद 2025–26 की प्रगति को लेकर डीएम ने कार्यालय वेश्म में धान खरीद की समीक्षा की. बैठक में जिला सहकारिता पदाधिकारी, प्रबंध निदेशक केन्द्रीय सहकारी बैंक, जिले के सभी प्रखंडों के सहकारिता प्रसार पदाधिकारी शामिल हुए. समीक्षा बैठक के दौरान जिला सहकारिता पदाधिकारी द्वारा जानकारी दी गई कि धान खरीद के लिए जिले को कुल 01 लाख 40 हजार 991 एमटी का लक्ष्य प्राप्त हुआ है. जिसके विरुद्ध अब तक 66 हजार 642 मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है. यह कुल लक्ष्य का लगभग 47 प्रतिशत है. धान खरीद की प्रगति के मामले में सुपौल जिला राज्य में दूसरे स्थान पर है. वहीं जिले में धान खरीद का औसत राज्य के औसत से अधिक बताया गया. जिलाधिकारी ने खरीद के प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए सभी प्रखंड सहकारिता प्रसार पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्धारित दैनिक लक्ष्य के अनुरूप सभी किसानों से धान खरीद सुनिश्चित की जाए. ताकि शेष लक्ष्य को समय पर पूरा किया जा सके. उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. बैठक में जिलाधिकारी ने धीमी गति से धान खरीद करने वाली समितियों पर कड़ा रुख अपनाते हुए निर्देश दिया कि ऐसी समितियों का लक्ष्य कटौती कर उन समितियों को आवंटित किया जाए, जो तेजी और बेहतर ढंग से धान खरीद कर रही है. इससे जिले में समग्र रूप से खरीद की गति तेज होगी. भुगतान की स्थिति की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी के पूछे जाने पर केन्द्रीय सहकारी बैंक के प्रबंध निदेशक संतोष कुमार ने बताया कि अब तक 8,892 किसानों को लगभग 140 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है. जिलाधिकारी ने भुगतान प्रक्रिया को और अधिक तेज एवं पारदर्शी बनाए रखने का निर्देश दिया. ताकि किसानों को समय पर उनके धान का मूल्य मिल सके. जिलाधिकारी ने सभी उपस्थित प्रखंड सहकारिता प्रसार पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि माह जनवरी 2026 तक धान खरीद का कार्य पूरी तरह पारदर्शी तरीके से पूर्ण किया जाए. उन्होंने कहा कि धान खरीद किसानों की आय से सीधे जुड़ा विषय है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की अनियमितता या शिकायत की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए. बैठक में धान खरीद की प्रगति को और बेहतर बनाने के लिए आपसी समन्वय के साथ कार्य करने पर बल दिया गया. जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि लक्ष्य की प्राप्ति के साथ-साथ किसानों के हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है.

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By RAJEEV KUMAR JHA

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