छातापुर. प्रखंड के मधुबनी पंचायत वार्ड संख्या दो के समीप प्रवाहित मिरचैया नदी पर उच्च स्तरीय पुल निर्माण कार्य अब तक शुरू नहीं हो पाया है. विगत विधानसभा चुनाव से पूर्व ही नदी के समीप योजना बोर्ड लगाया गया था. मुख्यमंत्री ग्राम सेतु योजना के तहत होने वाले पुल निर्माण की अवधि दो वर्ष निर्धारित है. परंतु चुनाव संपन्न हुए कई माह का वक्त गुजर चुका है. निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं होने की वजह से ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी जा रही है. योजना बोर्ड के अनुसार छातापुर के मधुबनी से प्रतापगंज प्रखंड के भवानीपुर को जोड़ने वाली पक्की सड़क में नदी पर पुल का निर्माण होना है. साढ़े सात करोड़ की लागत से बनने वाले इस उच्च स्तरीय आरसीसी पुल के निर्माण कार्य की अवधि जुलाई 2025 से जुलाई 2027 के बीच है. पुल निर्माण के संवेदक कैलाश प्रसाद यादव कंस्ट्रक्शन प्रा लि हुलास राघोपुर हैं. जबकि कार्य एजेंसी के रूप में कार्यपालक अभियंता ग्रामीण कार्य विभाग कार्य प्रमंडल वीरपुर अंकित है. कहते हैं ग्रामीण मधुबनी वार्ड संख्या दो निवासी सदानंद ठाकुर, गुणेश्वर कामत, आशा देवी, दिनेश कुमार मंडल वार्ड आठ के सदस्य संजीत कुमार झा, वार्ड चार के तुलसी शर्मा आदि ने बताया कि अथक प्रयास के बाद स्थानीय विधायक नीरज कुमार सिंह बबलू के पहल पर दशकों बाद पुल निर्माण की आस जगी. विगत विधानसभा चुनाव से पूर्व ही पुल निर्माण से जुड़े योजना बोर्ड भी लगा दिया गया. परंतु अब तक निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं होने से ग्रामीण फिर से मायूस हो गये हैं. बताया कि मिट्टी जांच का कार्य भी हो चुका है. परंतु कार्य प्रारंभ करने के लिए संवेदक या विभागीय इंजीनियर साइट पर नहीं पहुंच पाये हैं. ग्रामीणों के अनुसार जीवछपुर स्थित एस एच 91 से मधुबनी के रास्ते प्रतापगंज को जोड़ने वाली यह मुख्य सड़क है. एन एच 57 से लिंक इस सड़क से इलाके की कई पक्की सड़क भी जुड़ल हुई है. इलाके के हजारों की आबादी के लिए सुलभ आवागमन के लिहाज से यह सड़क महत्वपूर्ण है. बताया कि पुल निर्माण स्थल तक दोनों तरफ पक्की सड़क एक वर्ष पूर्व ही बन चुका है. पुल निर्माण हो जाने से जहां प्रतापगंज की दूरी घटकर मात्र पांच किलोमीटर रह जायेगी. वहीं आजादी के बाद से ही मुख्य धारा से कटे वार्ड संख्या एक और दो की आबादी मुख्य धारा से जुड़ सकेगी. कहते हैं कार्यपालक अभियंता ग्रामीण कार्य विभाग कार्य प्रमंडल वीरपुर के कार्यपालक अभियंता सुमन कुमार ने बताया कि 96 मीटर लंबे पुल का निर्माण होना है. इसमें कोई व्यवधान नहीं है. पुल के डीपीआर का पुनः निरीक्षण किया जा रहा है. इसको लेकर चार मार्च को निर्माण स्थल से मिट्टी और पानी का नमूना फिर से संग्रहित कर पटना भेजा गया है. संभवतः अप्रैल माह से निर्माण कार्य शुरू कर दिया जायेगा.
मिरचैया नदी पर पुल निर्माण कार्य शुरू नहीं होने से ग्रामीणों में मायूसी
विगत विधानसभा चुनाव से पूर्व ही नदी के समीप योजना बोर्ड लगाया गया था
