छाई घनी धुंध, सुबह में शाम जैसा नजारा, ठंड के बढ़ते असर से जनजीवन प्रभावित

तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है

सुपौल. सुपौल जिले में मंगलवार की सुबह घने कुहासे की चादर से ढकी रही. सुबह से ही शहर और आस-पास के इलाकों में दृश्यता अत्यंत कम रही, जिससे लोगों को ऐसा महसूस हुआ मानो सुबह में ही शाम उतर आई हो. सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थम सी गई और लोग अपने-अपने घरों से देर से निकलते नजर आए. सुबह करीब पांच बजे से ही घना कोहरा फैलना शुरू हो गया था, जो तीन घंटों तक बना रहा. सूरज निकलने के बाद भी धुंध की परतों ने आसमान को ढक रखा था. मौसम विभाग के अनुसार, सुपौल और आसपास के जिलों में यह मौसम परिवर्तन उत्तर-पश्चिमी हवाओं के सक्रिय होने के कारण है, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है. सुपौल बस स्टैंड, स्टेशन रोड, हाट बाजार, एनएच 327ई और शहर के अन्य प्रमुख मार्गों पर वाहनों को हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा. दृश्यता कुछ स्थानों पर 50 मीटर से भी कम रही. सड़कों पर पैदल यात्रियों और दोपहिया वाहन चालकों को विशेष रूप से परेशानी का सामना करना पड़ा. कोहरे और ठंडी हवाओं के कारण सुबह के समय लोगों ने गर्म कपड़ों का सहारा लिया. कई स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति सामान्य से कम रही, वहीं कामकाजी लोग देर से कार्यालय पहुंचे. चाय की दुकानों पर सुबह से ही भीड़ देखी गई, क्योंकि ठंड बढ़ने के साथ गर्म पेय की मांग बढ़ गई है. मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान में और गिरावट हो सकती है तथा सुबह के समय घना कोहरा बने रहने की संभावना है. विभाग ने विशेषकर वाहन चालकों को सावधानी बरतने और आवश्यक होने पर ही यात्रा करने की सलाह दी है. स्थानीय किसानों ने भी चिंता व्यक्त की है, क्योंकि लगातार बने रहने वाले घने कुहासे का असर रबी फसलों पर पड़ सकता है. हालांकि कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यदि दिन के समय धूप निकल जाती है, तो फसलों को कोई बड़ा नुकसान नहीं होगा. घना कोहरा और ठंडी हवाएं इस बात का संकेत हैं कि सुपौल में सर्दी ने दस्तक दे दी है. आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट की संभावना के साथ ही शहर में ठिठुरन बढ़ने की उम्मीद है.

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By RAJEEV KUMAR JHA

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